बलिया: फतेहपुर में लेखपाल की आत्महत्या के बाद बांसडीह तहसील के लेखपालों का कार्य बहिष्कार, प्रशासनिक अधिकारियो के खिलाफ कार्यवाही के लिए SDM को सौंपा ज्ञापन
बांसडीह (बलिया)। ड्यूटी के तनाव में फतेहपुर जिले में लेखपाल सुधीर कुमार की कथित आत्महत्या के बाद राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है। शादी से ठीक एक दिन पहले युवा लेखपाल की हृदयविदारक मौत ने पूरे प्रदेश के लेखपालों को आंदोलित कर दिया है। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने इसे महज आत्महत्या नहीं, बल्कि अधिकारियों के अमानवीय उत्पीड़न के कारण हुई हत्या करार दिया है। इसी क्रम में शुक्रवार को स्थानीय तहसील के लेखपालों ने काम छोड़कर आक्रोश प्रदर्शन किया और एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर उच्चाधिकारियों पर तत्काल एफआइआर दर्ज करने और निलंबन की मांग की। ज्ञापन में मृतक लेखपाल सुधीर कुमार के संबंध में बताया गया कि उनकी शादी थी। जिसके लिए उन्होंने अवकाश मांगा था लेकिन, संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्य के नाम पर उन्हें छुट्टी नहीं दी गई। संघ का आरोप है कि ईआरओ के इशारे पर सुधीर कुमार पर काम खत्म करने के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा था। जिससे वह अत्यधिक तनाव में थे। इसी प्रताड़ना से टूटकर उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठा लिया। लेखपाल संघ ने साफ कहा कि जब तक जिम्मेदार अधिकारी पर हत्या का मुकदमा दर्ज नहीं होता उनका प्रदर्शन जारी रहेगा। तहसील अध्यक्ष हरेन्द्र सिंह के नेतृत्व में, लेखपालों ने जमकर नारेबाजी की और प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ ज्ञापन सौंपा। जिसमें कहा गया कि लेखपालों को बिना किसी तकनीकी प्रशिक्षण या पद के तकनीकी कार्य कराए जा रहे हैं, जो कार्य नियमावली का उल्लंघन है। लेखपाल संघ ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द ही इस मामले में संज्ञान लेकर दोषी अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की और लेखपालों का उत्पीड़न बंद नहीं किया, तो यह आंदोलन और उग्र रूप धारण कर सकता है। इस दौरान जनार्दन सिंह,धनंजय देवेन्द्र सिंह, संजीव , विवेक यादव, लक्ष्मीकान्त यादव कृष्ण कुमार गुप्ता, सुधीर सिंह, महातम प्रसाद आदि लेखपाल उपस्थित रहे।
