बलिया : बांसडीह में गैस संकट: सैकड़ों उपभोक्ता बिना सिलेंडर लौटे, अव्यवस्था पर उठे सवाल
बांसडीह (बलिया):क्षेत्र में इन दिनों रसोई गैस को लेकर भारी अव्यवस्था देखने को मिल रही है। गैस सिलेंडर लेने के लिए एजेंसियों पर रोजाना सैकड़ों की भीड़ उमड़ रही है, लेकिन अधिकांश उपभोक्ताओं को खाली हाथ ही वापस लौटना पड़ रहा है। इस स्थिति ने आम जनता, खासकर महिलाओं और बुजुर्गों की परेशानी बढ़ा दी है।
स्थानीय रुद्र भारत गैस एजेंसी पर हालात सबसे ज्यादा खराब बताए जा रहे हैं। रविवार की सुबह शाहपुर स्थित रुद्र भारत गैस एजेंसी पर साढ़े तीन बजे रात से ही उपभोक्ताओं की लाइन लगनी शुरू हो गई,सुबह होते होते करीब एक किमी तक लाइन बढ़ती चली गई,गैस की गाड़ी आने के बाद कुछ उपभोक्ताओं को सिलेंडर नसीब हुआ तो बाकी बैरंग वापस लौट गए।
उपभोक्ताओं का आरोप है कि एक सप्ताह से पर्ची कटवाने के बावजूद उन्हें सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। घंटों लाइन में लगने के बाद भी निराशा ही हाथ लग रही है। सबसे ज्यादा दिक्कत बुजुर्गों और महिला उपभोक्ताओं को झेलनी पड़ रही है। भीड़ और अव्यवस्था के बीच उन्हें धक्का-मुक्की का सामना करना पड़ रहा है। कई लोग सुबह से लाइन में लगने के बावजूद बिना सिलेंडर के लौटने को मजबूर हैं।उपभोक्ताओं ने एजेंसी और स्थानीय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि मिलीभगत के चलते कुछ जमाखोरों को एक साथ कई-कई सिलेंडर दिए जा रहे हैं, जबकि जरूरतमंद उपभोक्ता वंचित रह जा रहे हैं। इससे कालाबाजारी की आशंका भी जताई जा रही है।
जागरूकता की कमी और लापरवाही बनी बड़ी वजह
स्थानीय लोगों का कहना है कि गैस वितरण में पारदर्शिता की कमी और प्रशासनिक निगरानी के अभाव के कारण यह समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। न तो उचित लाइन व्यवस्था है और न ही किसी प्रकार का नियम का सही पालन हो रहा है यह तक की कोई सटीक जानकारी भी उपभोक्ताओं को नहीं दी जा रही है।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि गैस वितरण की व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए,जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई हो और जरूरतमंदों को प्राथमिकता के आधार पर सिलेंडर उपलब्ध कराया जाए। बुजुर्गों उपभोक्ताओं को प्राथमिकता के आधार पर सिलेंडर मुहैया कराया जाय।लोगो ने बताया कि अगर समय रहते इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले दिनों में यह संकट और गहरा सकता है।
