बलिया:लावारिस बछड़े की संदिग्ध हालात में मौत,जिम्मेदार कौन
फ़ोटो-लावारिस हालात में 12 नवम्बर को घूम रहा बछड़ा
फ़ोटो-रविवार को संदिग्ध हालात में बछड़े की हुई मौत
17 नवम्बर 2019,बाँसडीह(बलिया)।एक तरफ शासन द्वारा करोड़ों रुपए गोवंश के लिए आश्रय स्थल,भूसा,चारे के लिये अनुदान दिए जा रहे हैं कि कोई भी गोवंश लावारिश व भूखा ना मरे। इसके लिए समय-समय पर शासन द्वारा दिशा निर्देश भी जारी किया जाता है। उच्चाधिकारी पशु आश्रय स्थल,भूसा चारे,रहने की व्यवस्था आदि की जांच भी करते है एवं कार्यवाही भी होती है। लेकिन दूसरी तरफ नगर पंचायत बाँसडीह प्रशासन गोवंश के संरक्षण के लिए पूरी तरह से लापरवाह दिख रही है ।कई गोबंश नगर की सड़कों पर आज भी लावारिस घूम रहे है परंतु इनकी कोई सुध लेनेवाला नही है।
12 नवम्बर से लावारिस घूम रहे 1 गोवंश की रविवार को संदिग्ध हालत में मौत हो गई ।स्थानीय लोगो ने 12 नवम्बर को ही इसकी सूचना नगर प्रसाशन को दिया था लेकिन नगर प्रशासन ने लावारिस गोबंश को आश्रय देने की जहमत नही उठाया।
रविवार को ही जिलाधिकारी श्री हरिप्रताप शाही,सिकन्दरपुर sdm अन्नपूर्णा गर्ग,एवं sdm विपिन जैन ने जिगिरसंड़ एवं मनियर स्थित गौशाले का निरीक्षण किये,खामियां पाये जाने पर Eo मनियर को सम्बन्धित पत्रावली के साथ तलब भी किये है लेकिन जिलाधिकारी की हनक बाँसडीह के जिम्मेदारों की तरफ बिल्कुल न के बराबर है।
गोबंश की मौत पर रात में 9 बजे मौके पर पहुचे भाजपा के मंडल अध्यक्ष प्रतुल ओझा ने इस संबंध में सीधे-सीधे नगर पंचायत प्रशासन की लापरवाही मानते हुए इस मामले को उच्च अधिकारियों तक ले जाकर जिम्मेदार के खिलाफ कार्यवाही कराने की बात कहते हुए,बछड़े की मौत की जांच की मांग किया है।
लेकिन हालात जो कुछ भी हो ,इस ठण्ड में एक गोबंश कि मौत तो हुई है।इसके जिम्मेदार कौन है?
फ़ोटो-रविवार को संदिग्ध हालात में बछड़े की हुई मौत
17 नवम्बर 2019,बाँसडीह(बलिया)।एक तरफ शासन द्वारा करोड़ों रुपए गोवंश के लिए आश्रय स्थल,भूसा,चारे के लिये अनुदान दिए जा रहे हैं कि कोई भी गोवंश लावारिश व भूखा ना मरे। इसके लिए समय-समय पर शासन द्वारा दिशा निर्देश भी जारी किया जाता है। उच्चाधिकारी पशु आश्रय स्थल,भूसा चारे,रहने की व्यवस्था आदि की जांच भी करते है एवं कार्यवाही भी होती है। लेकिन दूसरी तरफ नगर पंचायत बाँसडीह प्रशासन गोवंश के संरक्षण के लिए पूरी तरह से लापरवाह दिख रही है ।कई गोबंश नगर की सड़कों पर आज भी लावारिस घूम रहे है परंतु इनकी कोई सुध लेनेवाला नही है।
12 नवम्बर से लावारिस घूम रहे 1 गोवंश की रविवार को संदिग्ध हालत में मौत हो गई ।स्थानीय लोगो ने 12 नवम्बर को ही इसकी सूचना नगर प्रसाशन को दिया था लेकिन नगर प्रशासन ने लावारिस गोबंश को आश्रय देने की जहमत नही उठाया।
रविवार को ही जिलाधिकारी श्री हरिप्रताप शाही,सिकन्दरपुर sdm अन्नपूर्णा गर्ग,एवं sdm विपिन जैन ने जिगिरसंड़ एवं मनियर स्थित गौशाले का निरीक्षण किये,खामियां पाये जाने पर Eo मनियर को सम्बन्धित पत्रावली के साथ तलब भी किये है लेकिन जिलाधिकारी की हनक बाँसडीह के जिम्मेदारों की तरफ बिल्कुल न के बराबर है।
गोबंश की मौत पर रात में 9 बजे मौके पर पहुचे भाजपा के मंडल अध्यक्ष प्रतुल ओझा ने इस संबंध में सीधे-सीधे नगर पंचायत प्रशासन की लापरवाही मानते हुए इस मामले को उच्च अधिकारियों तक ले जाकर जिम्मेदार के खिलाफ कार्यवाही कराने की बात कहते हुए,बछड़े की मौत की जांच की मांग किया है।
लेकिन हालात जो कुछ भी हो ,इस ठण्ड में एक गोबंश कि मौत तो हुई है।इसके जिम्मेदार कौन है?

