बलिया: मतदाताओ को मिली राहत,नोटिस का जबाब के लिए नहीं कटाने होंगे चक्कर - Ballia Breaking
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    बलिया: मतदाताओ को मिली राहत,नोटिस का जबाब के लिए नहीं कटाने होंगे चक्कर



    • चुनाव आयोग की अच्छी पहल,अब मैपिंग नोटिस का जवाब घर बैठे ऑनलाइन
    • एसडीएम अभिषेक प्रियदर्शी ने दी जानकारी, मतदाताओं को सरकारी दफ्तरों के चक्कर से राहत

     बांसडीह ,बलिया। मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए चुनाव आयोग ने एक अहम और व्यावहारिक कदम उठाया है। अब जिन मतदाताओं को मैपिंग नोटिस जारी किया गया है, उन्हें जवाब देने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। ऐसे मतदाता घर बैठे ही ऑनलाइन माध्यम से अपना जवाब दे सकेंगे।

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    इस संबंध में उपजिलाधिकारी (एसडीएम) बांसडीह अभिषेक प्रियदर्शी ने जानकारी देते हुए बताया कि मैपिंग नोटिस उन परिस्थितियों में जारी किया जाता है, जब किसी मतदाता का नाम मतदाता सूची में तो दर्ज होता है, लेकिन उसका मतदान केंद्र, पता या अन्य रिकॉर्ड स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं होता। कई बार मतदाता का नाम किसी दूसरे बूथ से जुड़ा हुआ दिखता है या जानकारी अधूरी पाई जाती है।

    उन्होंने बताया कि पूर्व में ऐसे मामलों में मतदाता को निर्वाचन कार्यालय या ब्लॉक स्तर पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना पक्ष रखना पड़ता था, लेकिन अब इस पूरी प्रक्रिया को डिजिटल कर दिया गया है। मतदाता NVSP पोर्टल या वोटर हेल्पलाइन ऐप के माध्यम से नोटिस का जवाब दे सकते हैं। इसके लिए उन्हें अपना EPIC नंबर या नोटिस नंबर दर्ज करना होगा और पहचान व पते से संबंधित आवश्यक दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करने होंगे। आवेदन जमा होने के बाद उसकी स्थिति भी ऑनलाइन देखी जा सकेगी।

    ग्रामीण, बुजुर्ग और कामकाजी मतदाताओं को बड़ी राहत

    एसडीएम अभिषेक प्रियदर्शी के अनुसार, इस व्यवस्था से विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के मतदाताओं, बुजुर्गों, दिव्यांगों और कामकाजी लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। इससे समय और धन की बचत होगी, साथ ही निर्वाचन प्रशासन पर अनावश्यक दबाव भी कम होगा।

    उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन मतदाताओं के पास इंटरनेट या डिजिटल सुविधा उपलब्ध नहीं है, उनके लिए ऑफलाइन विकल्प पूरी तरह समाप्त नहीं किए गए हैं। आवश्यकता पड़ने पर बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) और निर्वाचन कार्यालय के माध्यम से मतदाताओं को सहायता मिलती रहेगी।यह पहल मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी, सटीक और भरोसेमंद बनाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है। तकनीक के सही उपयोग से लोकतंत्र को मजबूत करने की यह कोशिश तभी सफल होगी, जब इसकी पहुंच हर मतदाता तक सुनिश्चित की जाए।