बलिया: गोंड जाति के प्रमाण पत्र जारी नहीं होने से क्षुब्ध गोंड समाज ने तहसील मुख्यालय पर किया प्रदर्शन
बांसडीह (बलिया)। तहसील क्षेत्र में गोंड जाति के प्रमाण पत्र निर्गत न होने का मामला अब उग्र आंदोलन का रूप ले चुका है। जिलाधिकारी के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद बांसडीह तहसील प्रशासन द्वारा बरती जा रही लगातार हीला-हवाली से क्षुब्ध गोंड समाज ने बृहस्पतिवार को तहसील मुख्यालय पर आमरण अनशन शुरू कर दिया।
अनुसूचित जाति-जनजाति मोर्चा भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में गोंड समाज के लोग तहसील परिसर में एकत्र हुए और प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि वर्तमान तहसीलदार नितिन कुमार सिंह द्वारा जानबूझकर गोंड जाति के प्रमाण पत्र रोके जा रहे हैं, जिससे समाज के सैकड़ों छात्र-छात्राएं उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती, लेखपाल भर्ती सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं एवं शिक्षण संस्थानों में प्रवेश से वंचित हो रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जहां बलिया सदर तहसील में अब तक 600 से अधिक गोंड जाति के प्रमाण पत्र जारी किए जा चुके हैं, वहीं बांसडीह तहसील में एक भी प्रमाण पत्र निर्गत नहीं किया गया है। आरोप यह भी है कि यदि कोई लेखपाल सत्य और सही रिपोर्ट लगाता है, तो उस पर दबाव बनाकर रिपोर्ट बदलवा दी जाती है।
गोंड समाज ने बताया कि प्रशासन को पूर्व में ही चेतावनी दी जा चुकी थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्हें आमरण अनशन जैसा कठोर कदम उठाना पड़ा। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक गोंड जाति के प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया शुरू नहीं होती, तब तक आमरण अनशन और आंदोलन जारी रहेगा।
इस पूरे प्रकरण को लेकर क्षेत्र के युवाओं में गहरा असंतोष व्याप्त है। अब निगाहें प्रशासन की ओर टिकी हैं कि वह इस गंभीर सामाजिक मुद्दे पर क्या निर्णय लेता है।
