बलिया : UGC संशोधन के विरोध में अधिवक्ताओं का जोरदार प्रदर्शन, पोस्टर फूंका, ज्ञापन सौंपा
बांसडीह,बलिया। कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष एडवोकेट मदन वर्मा एवं तहसील बार एसोसिएशन बांसडीह के संयुक्त नेतृत्व में गुरुवार को बांसडीह तहसील परिसर में अधिवक्ताओं ने यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) कानून में किए गए संशोधन के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान अधिवक्ताओं ने यूजीसी का पोस्टर जलाकर अपना आक्रोश जताया और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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प्रदर्शन के बाद अधिवक्ताओं ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार नितिन कुमार सिंह को सौंपा और संशोधित यूजीसी कानून को तत्काल वापस लेने की मांग की। अधिवक्ताओं का कहना था कि यह संशोधन शिक्षा व्यवस्था के लिए घातक है और इससे समाज में विभाजन की स्थिति पैदा होगी।
इस मौके पर कलक्ट्रेट बार एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष एडवोकेट मदन वर्मा ने कहा कि सरकार द्वारा यूजीसी कानून में किया गया फेरबदल शिक्षा में समानता के सिद्धांत के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह संशोधन समाज को जाति और वर्ग के आधार पर बांटने की नीति को बढ़ावा देता है। इससे विश्वविद्यालयों में छात्रों के बीच भेदभाव की भावना पैदा होगी, जिसका प्रभाव आगे चलकर पूरे समाज पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य समान अवसर देना है, न कि भेदभाव को बढ़ावा देना।
अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस संशोधन को वापस नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। साथ ही कहा कि यह संशोधन दूरगामी परिणाम वाला है और आने वाले समय में इससे सामाजिक सौहार्द बिगड़ सकता है।
प्रदर्शन में गिरीश मिश्र, राजेंद्र प्रताप मिश्र, नरेंद्र सिंह, गजाधर सिंह, प्रभात तिवारी, गोपाल मिश्र, राजेंद्र प्रताप सिंह, अमीरूल रहमान खान, धर्मेंद्र, अनिल पाण्डेय, बृजेश मिश्रा, मार्कण्डेय यादव, शुभनारायण पासवान, शिवजी यादव, राकेश वर्मा एवं भानु प्रताप सिंह सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।
