बलिया : तहसील समाधान दिवस पर आए 33 मामले,पांच का हुआ निस्तारण,ये मामला रहा सुर्खियों में - Ballia Breaking
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    बलिया : तहसील समाधान दिवस पर आए 33 मामले,पांच का हुआ निस्तारण,ये मामला रहा सुर्खियों में

     

    बांसडीह (बलिया)।शनिवार को स्थानीय तहसील में समाधान दिवस उपजिलाधिकारी बांसडीह अभिषेक प्रियदर्शी के अध्यक्षता में संपन्न हुआ। समाधान दिवस पर कुल 33 फरियादियों ने अपनी शिकायत दर्ज कराई जिनमें से पांच मामलों का मौके पर निस्तारण किया गया जबकि अन्य मामलों को संबंधित विभागों को निस्तारण हेतु निर्देशित किया गया। तहसील दिवस पर भूमि विवाद,पेंशन,राशन कार्ड आदि समस्याएं मुख्य रूप से रही। शनिवार को तहसील दिवस में पहुंचे क्षेत्र पंचायत सदस्य राजेंद्र सिंह ने ब्लाक प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए अनियमितताओं का भंडाफोड़ करते हुये शिकायत सौंपी। उन्होंने जिलाधिकारी को संबोधित शिकायती पत्र में स्पष्ट किया है कि कागजों पर ब्लाक में विकास की चमक दिख रही है लेकिन धरातल पर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता धूल फांक रही है।शिकायतकर्ता का सीधा आरोप है कि ब्लाक में पारदर्शिता को ताक पर रख दिया गया है। विकास कार्यों के लिए होने वाली निविदा प्रक्रिया को पूरी तरह गोपनीय रखकर सिंडिकेट चलाया जा रहा है। राजेंद्र सिंह के अनुसार, कुछ विशेष कर्मचारियों और एक अवर अभियंता की जुगलबंदी ने ब्लाक प्रमुख की भूमिका को भी हाशिए पर धकेल दिया है।जिससे चहेती फर्मों को उपकृत करना आसान हो गया है।दरांव और नरला जैसे ग्रामों में किए गए इंटरलॉकिंग कार्यों में भारी तकनीकी चूक जानबूझकर की गई है। मानक के अनुसार बड़ी गिट्टी का बेस बनाए बिना ही पेवर्स ब्लाक बिछा दिए गए हैं। इतना ही नहीं, सौर ऊर्जा के नाम पर भी बड़ा खेल हुआ है। क्षेत्र में लगी अधिकांश सोलर लाइटें अपनी स्थापना के कुछ समय बाद ही दम तोड़ चुकी हैं। आरोप है कि पुराने उपकरणों को नया बताकर सरकारी धन का आहरण कर लिया गया।भ्रष्टाचार की हद यहीं खत्म नहीं होती। राजेंद्र सिंह ने चौंकाने वाला दावा किया है कि ब्लॉक प्रमुख कक्ष से पूर्व में खरीदी गई कीमती कुर्सियां और टीवी तक गायब कर दिए गए हैं। एक ही कक्ष के बार बार नवीनीकरण के नाम पर तीन बार बजट ठिकाने लगाया गया है। तहसील दिवस में इस शिकायत के पहुंचते ही प्रशासनिक गलियारों में हलचल मच गई है। शिकायतकर्ता ने मांग की है कि एक निष्पक्ष टेक्निकल ऑडिट कराया जाए ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।


    प्रकरण की जानकारी नही है। उक्त शिकायती पत्र के अवलोकन के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। यदि कोई गड़बड़ी हुई है तो उसकी जांच जरूर होगी। 

    मनोज कुमार शर्मा, खंड विकास अधिकारी , बांसडीह