बलिया : समाजवादी छात्रसभा के जिलाध्यक्ष पर गुंडा एक्ट की कार्यवाही प्रारम्भ,बढ़ सकती है मुश्किलें, कांग्रेस नेता ने प्रशासन पर दुर्भावना से ग्रसित होने का लगाया आरोप - Ballia Breaking
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    बलिया : समाजवादी छात्रसभा के जिलाध्यक्ष पर गुंडा एक्ट की कार्यवाही प्रारम्भ,बढ़ सकती है मुश्किलें, कांग्रेस नेता ने प्रशासन पर दुर्भावना से ग्रसित होने का लगाया आरोप

     

    बलिया पुलिस ने समाजवादी छात्रसभा के जिलाध्यक्ष मनियर निवासी प्रवीण कुमार सिंह पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। मनियर पुलिस ने प्रवीण सिंह के खिलाफ गुंडा एक्ट की कार्यवाही प्रारम्भ कर दिया है। मनियर थाने के थानाध्यक्ष कौशल कुमार पाठक के अनुसार प्रवीण सिंह पुत्र प्रेमबहादुर सिंह एक दुस्साहसिक और अपराधिक प्रवृति का व्यक्ति है। जो क्षेत्र में मारपीट लड़ाई झगड़ा करते रहना और पूर्व में सरकारी कर्मचारी से मारपीट गाली गलौज करने जैसा अपराध कारित किया गया हैं। पुलिस के अनुसार वह वर्तमान में अपने घर पर रह रहा है और अपने दुस्साहसिक कृत्यों से समाज को ग्रसित करता चला आ रहा है। पुलिस के अनुसार इनके दुस्साहसिक कृत्यों से स्थानीय थाना क्षेत्र में काफी भय व्याप्त हो गया है। यह किसी भी समय समाज आम जनमानस को हानि पहुंचा सकता है।इनके द्वारा किए गए क्रियाकलाओं की जांच के बाद इसका स्वच्छंद रहना समाज के लिए परिसंकटमय हो सकता है।


    पुलिस के दिए गए विवरण के अनुसार छात्रनेता प्रवीण कुमार सिंह पर चार मुकदमे पंजीकृत है।

    • 30.10.2019 को बलिया कोतवाली में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 411/19 में  धारा 147,148,323,504 IPC

    • 12.06.2021 को थाना मनियर में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 091/21 में धारा 147,323.325,427,452,504 IPC
    • 25.03.2023 को बलिया कोतवाली में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 158/2023 में धारा  323,353,504,506 IPC

    • 10.11.2024 को थाना मनियर में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 268/2024 में धारा 115(2),352,351(3) BNS 

    पुलिस की इस कार्यवाही का कई संगठनों और राजनीतिक दलों के नेताओं ने किया विरोध

    समाजवादी छात्रसभा के जिलाध्यक्ष प्रवीण कुमार सिंह पर इस पुलिसिया कार्यवाही के विरोध में कई संगठनों और राजनीतिक दलों के नेताओं ने सोसल मीडिया पर आक्रोश जताते हुए इसे बदले की कार्यवाही बताया।

    कांग्रेस नेता पुनीत पाठक ने एक वीडियो बयान जारी कर प्रशासन पर दुर्भावना से ग्रसित होकर कार्यवाही करने का आरोप लगाया हैं। जारी वीडियो में कहा हैं कि प्रवीण कुमार सिंह समाजवादी विचारधारा के बेहद सौम्य सरल व्यक्ति है। इस 26 वर्षीय युवक से आखिर प्रशासन को क्या दिक्कत हो सकती है? लोकनायक जयप्रकाश नारायण, डॉ राम मनोहर लोहिया और महात्मा गांधी के विचारधारा पर चलने वाले प्रवीण सिंह से आखिर जिला प्रशासन को क्या दिक्कत हो सकती है? उन्होंने आरोप लगाया कि दिक्कत यही है कि जो भी जनता की आवाज उठाएगा उसे सरकार जेल में भेज देगी। 


    पुनीत पाठक ने आरोप लगाया कि जनपद में अपराधी निरंकुश है उस पर कोई कार्रवाई नहीं हो रहा है। जिले में फरसा गैंग,शिकारी गैंग खुलेआम घूमते है लेकिन प्रशासन द्वारा इनपर कार्यवाही न कर सरकार से जो सवाल पूछते है उनपर कार्यवाही द्वेष भावना से ग्रसित होकर की जा रही है। युवा साथी प्रवीण सिंह विकी और पवन तिवारी के साथ जो हो रहा है वह गलत है। वर्तमान समय में गरीब की बात करना समाजहित की बात करना और गलत के खिलाफ खड़े होना सबसे बड़ा अपराध हो गया है। सच बोलने वालों पर गुंडा एक्ट और तमाम धाराएं लगाई जायेंगी। बागी बलिया दमन नहीं सहेगा,दमन से डर नहीं पैदा होता है,दमन करने से विद्रोह पैदा होगा,आप प्रवीण और पवन को जेल भेज देंगे लेकिन उनके विचारों को नहीं भेज पाएंगे।



    कौन है समाजवादी छात्रसभा का जिलाध्यक्ष प्रवीण कुमार सिंह 

    समाजवादी छात्र सभा के जिलाध्यक्ष एवं जनपद के सक्रिय छात्र नेता प्रवीण कुमार सिंह के खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत हुई कार्यवाही में उपजिलाधिकारी बांसडीह द्वारा उनके विरुद्ध चौथी बार जमानती वारंट जारी किए जाने के बाद यह पूरे जनपद में मामला चर्चा का विषय बन गया है।

    प्रवीण कुमार सिंह जनपद में लंबे समय से छात्र राजनीति में सक्रिय रहे हैं। वे समय-समय पर छात्रों, युवाओं, किसानों और आम जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन, धरना-प्रदर्शन और ज्ञापन के माध्यम से अपनी बात प्रशासन तक पहुंचाते रहे हैं। छात्र संघों और राजनीतिक संगठनों में उनकी सक्रिय भूमिका के चलते उन्हें एक मुखर छात्र नेता के रूप में जाना जाता है।

    जारी जमानती वारंट पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रवीण कुमार सिंह ने प्रशासन की कार्रवाई को पूरी तरह राजनीतिक द्वेष से प्रेरित बताया है। उन्होंने कहा कि जिन मुकदमों को आधार बनाकर उनके खिलाफ गुंडा एक्ट की कार्रवाई की जा रही है, उनमें से किसी भी मामले में अब तक आरोप पत्र दाखिल नहीं किया गया है। उनका आरोप है कि सभी मुकदमे उन्हें राजनीतिक रूप से कमजोर करने और डराने के उद्देश्य से दर्ज कराए गए हैं।

    प्रवीण सिंह ने यह भी कहा कि जमानती वारंट जारी करने से पूर्व उन्हें न तो कोई समन दिया गया और न ही किसी प्रकार की सूचना उपलब्ध कराई गई। उन्होंने इसे प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ बताते हुए कहा कि बिना सुने और बिना सूचना दिए इस तरह की कार्रवाई करना प्रशासन की निष्पक्षता पर सवाल खड़ा करता है।

    छात्र नेता का आरोप है कि उनकी बढ़ती राजनीतिक सक्रियता और छात्रों-किसानों के मुद्दों पर मुखर आवाज उठाने से कुछ लोग असहज हैं। इसी कारण उनके खिलाफ गुंडा एक्ट जैसे कड़े कानून का सहारा लिया जा रहा है। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि यह पूरी कार्रवाई उन्हें जिला बदर करने की साजिश का हिस्सा हो सकती है, ताकि वे जनहित के मुद्दों पर आवाज न उठा सकें।

    प्रवीण कुमार सिंह ने कहा कि वे लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करते रहेंगे और इस कार्रवाई को कानूनी व राजनीतिक स्तर पर चुनौती देंगे। उन्होंने छात्र संगठनों, समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और आम जनता से समर्थन की अपील भी की है।

    इस पूरे मामले को लेकर छात्र राजनीति और विपक्षी दलों में नाराजगी देखी जा रही है। उनका कहना है कि यदि आंदोलन और विरोध को अपराध की श्रेणी में रखकर नेताओं पर गुंडा एक्ट लगाया जाएगा, तो यह लोकतंत्र के लिए चिंताजनक संकेत है। वहीं, प्रशासनिक स्तर पर इस मामले में अभी कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।