बलिया :भीषण गर्मी में प्यासे लोग, लाखों की लागत से बने वाटर कूलर बने शोपीस
बांसडीह, बलिया। एक ओर भीषण गर्मी ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है, वहीं दूसरी ओर आम जनता को राहत देने के लिए सार्वजनिक स्थानों पर लगाए गए लाखों रुपये लागत के वाटर कूलर प्लांट बंद पड़े हैं। तहसील परिसर, जूनियर हाई स्कूल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र समेत क्षेत्र के कई प्रमुख स्थानों पर स्थापित पेयजल व्यवस्था पूरी तरह बदहाल नजर आ रही है। तेज धूप और उमस भरी गर्मी में प्यास से परेशान लोगों को इन बंद पड़े वाटर कूलरों से कोई राहत नहीं मिल पा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि भीषण गर्मी को देखते हुए शासन स्तर से आम जनता को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वाटर कूलर प्लांट लगाए गए थे, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के चलते अधिकांश प्लांट शोपीस बनकर रह गए हैं। कई जगहों पर मशीनें खराब हैं, तो कहीं बिजली और रखरखाव के अभाव में व्यवस्था ठप पड़ी हुई है।
सबसे अधिक परेशानी तहसील और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने वाले बुजुर्गों, मरीजों, महिलाओं और दूर-दराज से आने वाले लोगों को उठानी पड़ रही है। लोग मजबूरी में बाजार से पानी खरीदकर पीने को विवश हैं। स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया कि लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद पेयजल व्यवस्था धरातल पर पूरी तरह फेल साबित हो रही है।
क्षेत्रीय लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि बंद पड़े वाटर कूलर प्लांटों को तत्काल चालू कराया जाए तथा सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छ पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भीषण गर्मी में लोगों को राहत मिल सके।
