बलिया :बांसडीह सीएचसी में प्रसूता की मौत पर बवाल, एएनएम व डॉक्टर पर आरोप; जांच के आदेश
बांसडीह (बलिया)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बांसडीह में प्रसव के बाद एक प्रसूता की मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। सोमवार को घटना के विरोध में परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा और धरना दिया। इलाज में लापरवाही और अवैध वसूली के आरोप लगाते हुए परिजन दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और मुआवजे की मांग पर अड़े रहे। स्थिति को देखते हुए अस्पताल परिसर में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गोड़धप्पा निवासी रूबी देवी (28 वर्ष), पत्नी राकेश पटेल, रविवार दोपहर करीब दो बजे प्रसव के लिए सीएचसी बांसडीह पहुंची थीं। रात करीब आठ बजे ड्यूटी पर तैनात एएनएम सरोज तिवारी द्वारा उनका प्रसव कराया गया, जिसमें उन्होंने एक बेटे को जन्म दिया। परिजनों का आरोप है कि प्रसव के बाद रूबी देवी को अत्यधिक रक्तस्राव शुरू हो गया, जो पूरी रात जारी रहा। गंभीर हालत के बावजूद उन्हें समय पर रेफर नहीं किया गया और अस्पताल में ही लापरवाहीपूर्वक रखा गया। सोमवार सुबह करीब पांच बजे उन्हें जिला अस्पताल के लिए रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही परिजन आक्रोशित हो उठे और अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया। मौके पर पहुंचे प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार सिंह ने पुलिस बल के साथ स्थिति को संभालते हुए परिजनों को शांत कराया। बाद में एसडीएम अभिषेक प्रियदर्शी, सीओ जयशंकर मिश्र, थानाध्यक्ष मनियर और थानाध्यक्ष बांसडीह रोड सहित अन्य अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और परिजनों से वार्ता की। इस बीच शव को बलिया से वापस बांसडीह लाया गया, जहां परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल की मर्चरी भेज दिया। मृतका के जेठ अजय पटेल की तहरीर पर एएनएम सरोज तिवारी और ड्यूटी पर तैनात डॉ. अरुण तिवारी के खिलाफ मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
परिजनों का आरोप
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि डिलीवरी के नाम पर एएनएम द्वारा 11 हजार रुपये की मांग की गई थी, जिसमें से 5 हजार रुपये ले भी लिए गए। इस आरोप ने मामले को और गंभीर बना दिया है।
SDM ने दिया जांच के आदेश
एसडीएम अभिषेक प्रियदर्शी ने चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रणव कुणाल को दो दिन के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों के अनुसार प्रथम दृष्टया स्वास्थ कर्मियों को लापरवाही सामने आई है और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
तीन बच्चे हुए अनाथ
मृतका अपने पीछे दो बेटियां—रागिनी (3 वर्ष) और रूही (15 माह) तथा एक नवजात बेटे को छोड़ गई है। परिजनों के अनुसार रूबी देवी की शादी 24 मई 2022 को हुई थी। घटना ने एक बार फिर सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


