बलिया : विवेचना में रिश्वत लेना उपनिरीक्षक को पड़ा भारी,निलंबन के बाद FIR - Ballia Breaking
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    बलिया : विवेचना में रिश्वत लेना उपनिरीक्षक को पड़ा भारी,निलंबन के बाद FIR

     


    बांसडीह (बलिया): 
     
    मुकदमे की विवेचना में धाराएं बढ़ाने और चार्जशीट लगाने के लिए वादी से अपने बेटे के बैंक अकाउंट में रिश्वत के पैसे लेने के आरोप में बांसडीहरोड थाने में तैनात उपनिरीक्षक रामशंकर यादव के खिलाफ प्रथम दृष्टया दोष की पुष्टि होने पर पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह के आदेश पर उन्हीं के थाने में उनके खिलाफ भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज किया गया है। 
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    आरोप है कि एसआई रमाशंकर यादव द्वारा पूर्व में दर्ज एक मुकदमे की विवेचना की जा रही थी, आरोप पत्र प्रस्तुत करने के लिए अलग अलग समय मे अपने बेटे के बैंक खाते में मुकदमा वादी से अलग अलग धनराशि ली गई। इस दौरान दरोगा द्वारा वादी से मुकदमे में लगी धाराओं को बनाये रखने का आश्वासन दिया गया था। 

    मामले में तब नया मोड़ आया जब उसी मुकदमे में  आरोपित द्वारा उच्चाधिकारियों से घटना में गलत ढंग से मुकदमा दर्ज करने और उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई। जिसके बाद मामले में उच्चाधिकारियों के हस्तक्षेप व जांच के आदेश के बाद विवेचक से मुकदमें में लगी धाराओं को हटाने का दबाव बनाया जाने लगा। इस दौरान हुए आरोपी दरोगा ने वादी से लिए रुपए में से मुकदमे में धाराओं को हटाने के बाद कथित तौर पर कुछ पैसे लौटाए भी गये। लेकिन इसके बाद वादी ने इससे नाराज होकर उच्चाधिकारियों से उपनिरीक्षक द्वारा पैसे लेने की शिकायत करते हुए उसके साक्ष्य, जैसे पैसे खाते में भेजने की डिटेल व बातचीत की रिकार्डिंग भी प्रस्तुत कर दी। जिसके बाद मामले में जांचोपरांत पुलिस अधीक्षक के आदेश पर एसआई रमाशंकर यादव को निलंबित कर दिया गया। वहीं शिकायतकर्ता द्वारा तहरीर न दिए जाने पर पुलिस अधीक्षक के आदेश के बाद थानाध्यक्ष बांसडीहरोड वंश बहादुर सिंह ने स्वयं वादी बनकर अपने ही थाने पर उपनिरीक्षक के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। थानाध्यक्ष द्वारा मुकदमा दर्ज किए जाने की पुष्टि की गई है।