बलिया : विवाहिता की शव की तलाश में जुटी NDRF की टीम - Ballia Breaking
  • Ballia Breaking

    बलिया : विवाहिता की शव की तलाश में जुटी NDRF की टीम

     


    बांसडीह(बलिया)। कानून की आंखों में धूल झोंकने के लिए विवाहिता के शव को सरयू नदी के लहरों के हवाले कर देना क्या किसी अपराधी को बचा सकता है? सुल्तानपुर के टोलापुर में हुए विवाहिता रिंकू सिंह हत्याकांड ने इस सवाल को सुलगते हुए अंगारे जैसा बना दिया है। बुधवार को सरयू नदी के शांत पानी में मची हलचल किसी आपदा के लिए नहीं, बल्कि उस 'सबूत' की तलाश में थी जिसे बेरहम ससुरालियों ने जलसमाधि दे दी। 


    एनडीआरएफ टीम के जवानों ने सुबह से ही सुल्तानपुर घाट को अपना केंद्र बनाया। यह कोई सामान्य रेस्क्यू आपरेशन नहीं था, बल्कि अपराध की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी यानी शव को खोजने की जद्दोजहद थी, 5 किलोमीटर तक नदी की गहराई को खंगाला गया। लेकिन समय बीतने के साथ शव के दूर बह जाने या जलीय जंतुओं द्वारा क्षति पहुंचाए जाने की आशंका गहरा रही है। एनडीआरएफ की नावें पानी में चक्कर काटती रहीं, लेकिन सरयू ने फिलहाल राज उगलने से इंकार कर दिया है।यह मामला केवल दहेज हत्या का नहीं, बल्कि साक्ष्यों के साथ की गई सुनियोजित साजिश का है। अगर उस दिन मृतका रिंकू के मोबाइल से उसकी भाभी को फोन न गया होता, तो शायद दुनिया को कभी पता भी नहीं चलता कि एक बेटी को मारकर उसे नदी में बहा दिया गया है। घर का खाली होना और पूरे परिवार का एक साथ गायब हो जाना चीख चीखकर घटना की कहानी बयां कर रहा है। कानूनी विशेषज्ञों की मानें तो बिना शव के हत्या का केस साबित करना पुलिस के लिए टेढ़ी खीर साबित हो सकता है। यही कारण है कि बांसडीह कोतवाली प्रभारी प्रवीण सिंह ने एनडीआरएफ की मदद ली है। जब तक सरयू की जलधारा रिंकू के अवशेष नहीं लौटाती, तब तक आरोपियों के खिलाफ मजबूत चार्जशीट दाखिल करना एक बड़ी चुनौती बनी रहेगी। फिलहाल कुछ मुख्य बिंदु , कि वह अज्ञात व्यक्ति कौन था जिसने मृतका के फोन से सूचना दी। क्या गांव में किसी और ने शव को नदी में ले जाते हुए देखा। आरोपियों को फरार होने में किसने मदद की। पुलिस अब तकनीकी साक्ष्यों और फरार आरोपियों के संभावित ठिकानों पर छापेमारी के इन्हीं सवालों के जवाब ढूंढने के प्रयास कर रही है।