Big Breaking : बांसडीह में गैस एजेंसी का बड़ा घोटाला उजागर, 1015 सिलेंडर गायब — FIR के आदेश
बांसडीह (बलिया)। जिला प्रशासन ने बांसडीह क्षेत्र में संचालित ‘रुद्र भारत गैस सर्विस’ पर बड़ी कार्रवाई करते हुए कथित कालाबाजारी के एक संगठित रैकेट का पर्दाफाश किया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर की गई छापेमारी में एजेंसी के गोदाम से 1015 भरे हुए घरेलू गैस सिलेंडर गायब पाए गए, जबकि आधिकारिक रिकॉर्ड में इन्हें स्टॉक में मौजूद दिखाया गया था।मामले को गंभीर वित्तीय अनियमितता मानते हुए जिलाधिकारी ने एजेंसी मैनेजर राजीव कुमार पाण्डेय के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
शिकायत से खुला खेल
इस पूरे मामले का खुलासा 23 मार्च को आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में हुआ, जब कस्बे के वार्ड न 13 के अमित सिंह सहित दर्जनों ग्रामीणों ने शिकायत दर्ज कराई। उपभोक्ताओं का आरोप था कि उन्हें मोबाइल पर गैस डिलीवरी के फर्जी मैसेज तो मिलते हैं, लेकिन वास्तविक आपूर्ति नहीं की जाती।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि एजेंसी डिजिटल रिकॉर्ड में हेरफेर कर उनके हिस्से के सिलेंडर को खुले बाजार में ऊंचे दामों पर बेच रही है।
छापेमारी में चौंकाने वाले तथ्य
शिकायत की गंभीरता को देखते हुए जिला विकास अधिकारी, क्षेत्राधिकारी और जिला पूर्ति अधिकारी की संयुक्त टीम ने सोमवार को एजेंसी के गोदाम पर आकस्मिक छापा मारा। जांच में बड़े स्तर पर गड़बड़ी सामने आई—
- ऑनलाइन रिकॉर्ड में 1015 भरे हुए और 55 खाली सिलेंडर दर्शाए गए
- मौके पर एक भी भरा सिलेंडर नहीं मिला
- खाली सिलेंडरों की संख्या बढ़कर 635 पाई गई
जांच के दौरान मैनेजर न तो सेल रजिस्टर प्रस्तुत कर सके और न ही स्टॉक में इस भारी अंतर का कोई संतोषजनक जवाब दे पाए।
कालाबाजारी की पुष्टि
जांच टीम की रिपोर्ट के अनुसार, यह मामला व्यक्तिगत आर्थिक लाभ के लिए की गई संगठित कालाबाजारी का है। आरोप है कि 1015 भरे सिलेंडरों को आम उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के बजाय व्यावसायिक उपयोग और खुले बाजार में ऊंचे दामों पर खपाया गया। टीम ने मौके पर 27 पीड़ित उपभोक्ताओं के बयान दर्ज किए, जो आगे की पुलिस कार्रवाई का आधार बनेंगे।
प्रशासन सख्त
जिलाधिकारी के सख्त रुख के बाद मामले में तेजी से विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने संकेत दिया है कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करते हुए लाइसेंस निरस्तीकरण जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है।
"बांसडीह के रूद्र भारत गैस सर्विस की जांच में कई तथ्य सामने आए हैं। मैनेजर के द्वारा न सेल रजिस्टर दिखाया गया, न स्टाक में भारी अंतर का कोई जवाब दिया गया। संबंधित पर मुकदमा दर्ज करने के लिए क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी बांसडीह के द्वारा तहरीर दी गई है।"
-देवमणि मिश्र, जिला पूर्ति अधिकारी, बलिया।
