बलिया :बांसडीह में बंदरों का आतंक, हमले में दो लोग घायल - Ballia Breaking
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    बलिया :बांसडीह में बंदरों का आतंक, हमले में दो लोग घायल


    बांसडीह (बलिया): कस्बे के बड़ी बाजार में इन दिनों बंदरों का आतंक बढ़ता जा रहा है, जिससे स्थानीय लोग और राहगीर दहशत में हैं। बंदरों का उत्पात इस कदर बढ़ गया है कि वे आए दिन राह चलते लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर दे रहे हैं। गुरुवार की सुबह बंदरों ने हमला कर दो लोगों को गंभीर रूप से जख्मी कर दिया, जिससे बाजार में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।


    बड़ी बाजार स्थित वार्ड नंबर पांच निवासी 55 वर्षीय छोटक रौनियर पर अचानक बंदरों के झुंड ने हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं पश्चिम बंगाल निवासी 50 वर्षीय मदन सरदार, जो वार्ड नंबर पांच में एक मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होने आए हुए थे, वे भी बंदरों के हमले का शिकार हो गए और जख्मी हो गए।दो लोगों पर एक साथ हुए हमले से बाजार में अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने लाठी-डंडा लेकर बंदरों को खदेड़ा, तब जाकर बंदर मौके से भागे। घटना के बाद परिजन गंभीर रूप से घायल छोटक रौनियर और मदन सरदार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बांसडीह ले गए, जहां डॉक्टरों ने दोनों लोगों के जांघ में कई टांके लगाए। इसके बाद ही खून का रिसाव रुका। फिलहाल दोनों घायलों का इलाज अस्पताल में चल रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, बीते एक सप्ताह के भीतर बड़ी बाजार क्षेत्र में बंदरों के हमले से कई लोग जख्मी हो चुके हैं। इससे पहले कस्बे के वार्ड नंबर पांच में रिश्तेदारी में आए युवक शुभम सोनी (18) पर बंदरों ने हमला कर दिया था, जिससे वह घायल हो गए थे। वहीं वार्ड नंबर 13 निवासी चंदन गुप्ता (35) भी बाजार जाते समय बंदरों के हमले का शिकार हो चुके हैं।

    लगातार हो रही इन घटनाओं के बावजूद स्थानीय प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जिससे कस्बावासियों में आक्रोश व्याप्त है।व्यापारी नेता विजय कुमार गुल्लर ने बताया कि बाजार में बंदरों का आतंक चरम पर है और रोज किसी न किसी व्यक्ति पर बंदर हमला कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से जल्द कार्रवाई करते हुए बंदरों को पकड़वाने की मांग की है, ताकि लोगों को इस आतंक से राहत मिल सके।स्थानीय लोगों में श्री प्रकाश गुप्ता, भीम गुप्ता, मनोज साहू, रमेश कांत कुशवाहा और डॉ. शशिभूषण वर्मा समेत कई लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए बंदरों को पकड़वाकर कस्बावासियों को इस समस्या से जल्द निजात दिलाई जाए।