Safe Holi 2026: रंगों के त्योहार पर अपनाएं ये हेल्थ टिप्स, एलर्जी और आंखों की सुरक्षा कैसे करें? जानिए विशेषज्ञ की सलाह
फोटो - डा अरुण कुमार तिवारी वरिष्ठ चिकित्सक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बांसडीह,बलिया
बांसडीह,बलिया। रंगों के पर्व होली को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बांसडीह के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अरुण कुमार तिवारी ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे त्योहार को आपसी प्रेम, भाईचारे और सौहार्द के साथ मनाएं तथा स्वास्थ्य के प्रति विशेष सतर्कता बरतें।
उन्होंने कहा कि बाजार में उपलब्ध कई कृत्रिम एवं रासायनिक रंग त्वचा, आंखों और श्वसन तंत्र के लिए हानिकारक साबित हो सकते हैं। ऐसे रंगों के उपयोग से एलर्जी, त्वचा रोग, आंखों में जलन और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए प्राकृतिक और हर्बल रंगों का प्रयोग करना ही सुरक्षित विकल्प है। डॉ. तिवारी ने विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और त्वचा रोग से पीड़ित लोगों को सावधानी बरतने की सलाह देते हुए कहा कि होली खेलते समय आंख, नाक और मुंह की सुरक्षा का ध्यान रखें। यदि किसी प्रकार की जलन या एलर्जी की समस्या हो तो तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लें। उन्होंने कहा कि होली खुशियों और मेल-मिलाप का पर्व है। इसे उत्साह के साथ मनाएं, लेकिन स्वास्थ्य और सुरक्षा को नजरअंदाज न करें। आपसी प्रेम और सद्भाव के साथ मनाई गई होली ही सच्चे अर्थों में त्योहार की गरिमा को बढ़ाती है।
होली के पावन पर्व को सुरक्षित और स्वास्थ्यवर्धक तरीके से मनाने के लिए डॉ. अरुण कुमार तिवारी (चिकित्साधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बांसडीह) ने क्षेत्रवासियों से निम्न सावधानियां बरतने की अपील की है—
🔹 होली खेलते समय बरतें ये जरूरी सावधानियां:
1. प्राकृतिक व हर्बल रंगों का प्रयोग करें। केमिकल युक्त रंग त्वचा और आंखों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
2. आंख, नाक और मुंह में रंग जाने से बचाएं। यदि रंग चला जाए तो तुरंत साफ पानी से धो लें।
3. त्वचा पर पहले से तेल या मॉइश्चराइज़र लगाएं, जिससे रंग आसानी से हट सके।
4. जबरदस्ती रंग न लगाएं। बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।
5. नशे से दूर रहें। भांग या अन्य नशीले पदार्थों का सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।
6. पानी की बर्बादी न करें और सुरक्षित स्थान पर ही होली खेलें।
7. किसी भी प्रकार की एलर्जी, जलन या चोट लगने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।
डॉ. तिवारी ने कहा कि सावधानी और संयम के साथ मनाई गई होली ही सच्चे अर्थों में खुशियों का पर्व बनती है।
"सुरक्षित रहें, स्वस्थ रहें और खुशियों के रंगों के साथ होली मनाएं।" बलिया ब्रेकिंग
