बलिया : पीएचसी बांसडीह में चिकित्सक से मारपीट पर हंगामा, 3 घंटे ठप रही ओपीडी, मुकदमा दर्ज होने के बाद सेवा बहाल - Ballia Breaking
  • Ballia Breaking

    बलिया : पीएचसी बांसडीह में चिकित्सक से मारपीट पर हंगामा, 3 घंटे ठप रही ओपीडी, मुकदमा दर्ज होने के बाद सेवा बहाल

     



    बांसडीह, बलिया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बांसडीह में चिकित्सक के साथ गाली-गलौज और मारपीट की घटना के विरोध में शुक्रवार सुबह चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों ने ओपीडी सेवा ठप कर दी। करीब तीन घंटे तक ओपीडी बंद रहने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया, जिसके बाद स्वास्थ्यकर्मियों ने दोबारा ओपीडी सेवा बहाल कर दी। हालांकि इमरजेंसी और प्रसव सेवाएं पूरे समय जारी रहीं।

    प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात चिकित्सक डॉ. नितीन कुमार सिंह के अनुसार गुरुवार रात करीब नौ बजे कस्बे के वार्ड नंबर सात निवासी सुजीत सिंह परिहार अस्पताल में बीपी चेक कराने पहुंचे और चिकित्सक की कुर्सी पर बैठ गए। वहां मौजूद प्रशिक्षणरत वार्ड बॉय ने उन्हें दूसरी कुर्सी पर बैठने का अनुरोध किया, लेकिन आरोप है कि वह गाली-गलौज करने लगे और पास में रखी मरीज की टेबल पर बैठ गए। इसी दौरान कैथवली निवासी मंजू देवी इलाज के लिए अस्पताल पहुंचीं, जिनकी हालत गंभीर थी। डॉ. नितीन कुमार सिंह ने बताया कि मरीज की स्थिति देखते हुए उन्होंने सुजीत सिंह परिहार से बगल की कुर्सी पर बैठने को कहा। आरोप है कि इसी बात पर वह आक्रोशित हो गए और वार्ड बॉय तथा चिकित्सक के साथ गाली-गलौज करते हुए हाथापाई करने लगे। मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया।

    घटना के बाद चिकित्सक ने स्थानीय कोतवाली में तहरीर देकर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इसके विरोध में शुक्रवार सुबह स्वास्थ्यकर्मियों ने ओपीडी सेवा बंद कर दी और आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग पर अड़ गए।

    करीब तीन घंटे बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर विधिक कार्रवाई की जा रही है। मुकदमा दर्ज होने की सूचना के बाद चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों ने ओपीडी सेवा पुनः बहाल कर दी।

    पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 115(2), 352, 351(3), 221 और 132 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। इन धाराओं में स्वेच्छा से चोट पहुंचाना, शांति भंग करने के उद्देश्य से अपमान, आपराधिक धमकी देना, लोक सेवक के कार्य में बाधा डालना तथा सरकारी कर्मचारी को कर्तव्य पालन से रोकने के लिए बल प्रयोग जैसे आरोप शामिल हैं। अस्पताल प्रशासन ने कहा कि चिकित्सकों की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। घटना के बाद अस्पताल परिसर में कुछ समय तक तनाव की स्थिति बनी रही, लेकिन अब स्वास्थ्य सेवाएं सामान्य कर दी गई हैं।