रामकथा के दूसरे दिन भक्ति का संदेश: "भक्त छिपने में विश्वास रखे, छपने में नहीं"
सच्ची भक्ति दिखावे की नहीं, जीवन में उतारने की साधना है -राजन जी महाराज
बांसडीह,बलिया। बेरूआरबारी क्षेत्र स्थित भगवान दास मंदिर परिसर में बाबा अमरनाथ सेवा समिति के तत्वावधान में चल रही नौ दिवसीय श्रीराम कथा के दूसरे दिन कथावाचक राजन जी महाराज ने श्रद्धालुओं को रामभक्ति का महत्व बताते हुए सच्ची भक्ति का संदेश दिया। कथा श्रवण के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और पूरा परिसर भक्ति रस में सराबोर रहा।
राजन जी महाराज ने कहा कि सच्ची भक्ति कभी प्रदर्शन की मोहताज नहीं होती, बल्कि वह जीवन में उतारी जाने वाली साधना है। उन्होंने रामकथा का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि जब हनुमान जी लंका पहुंचे तो वहां माता तुलसी का पौधा देखकर समझ गए कि यह भगवान श्रीराम के किसी भक्त का घर है। इससे स्पष्ट होता है कि सच्चे भक्त की पहचान उसके आचरण और संस्कारों से होती है, न कि दिखावे से। उन्होंने कहा कि भक्ति को जितना छिपाकर रखा जाएगा, उसका प्रभाव उतना ही अधिक दिखाई देगा। भगवान के सच्चे भक्त जिस मार्ग से गुजरते हैं, लोग स्वतः ही कह उठते हैं कि देखो, भगवान का सच्चा भक्त जा रहा है। इसलिए भक्त को छिपने में विश्वास रखना चाहिए, छपने में नहीं।
कथा के दौरान महाराज श्री ने रामचरितमानस की चौपाई— "एक बार त्रेता जुग माहीं, शंभु गए कुम्भज ऋषि पाहीं..." का भावार्थ समझाते हुए बताया कि त्रेता युग में भगवान शिव माता सती के साथ अगस्त्य मुनि के आश्रम पहुंचे थे। वहां अगस्त्य मुनि ने उन्हें अखिलेश्वर मानकर पूजा-अर्चना की और श्रीराम की पावन कथा सुनाई। यह प्रसंग भगवान राम के चरित्र और उनकी महिमा को दर्शाता है। कथा के दौरान श्रद्धालु भक्ति और ज्ञान की गंगा में डुबकी लगाते रहे। भजनों और संगीतमय प्रस्तुतियों ने माहौल को और अधिक भक्तिमय बना दिया।
इस अवसर पर विधायक केतकी सिंह ने व्यासपीठ का पूजन-अर्चन एवं आरती कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। कार्यक्रम में राकेश सिंह, रजनीश सिंह, राणा कुणाल सिंह, प्रशांत सिंह, सतेन्द्र सिंह, मिथुन सिंह, लाखन सिंह, गामा सिंह, नागेंद्र बहादुर सिंह, गणेश सिंह, राजेश दुबे सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
कथा पंडाल में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़
नौ दिवसीय श्रीराम कथा में प्रतिदिन श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती जा रही है। कथा पंडाल में महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की भारी उपस्थिति देखने को मिल रही है। आयोजन समिति द्वारा श्रद्धालुओं के बैठने, पेयजल एवं सुरक्षा की समुचित व्यवस्था की गई है। कथा स्थल पर भक्तिमय वातावरण लोगों को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर रहा है।

