बलिया : भीषण अग्निकांड में चार गरीब परिवारों का आशियाना राख, बेटी की शादी के सपने भी जले
- सैलून की गुमटी समेत चार झोपड़ियां स्वाहा, अनाज, कपड़े, बर्तन और गृहस्थी का पूरा सामान खाक
बांसडीह (बलिया): कोतवाली क्षेत्र के शकरपुरा गांव में रविवार को अज्ञात कारणों से लगी भीषण आग ने कुछ ही मिनटों में चार गरीब परिवारों की वर्षों की मेहनत को राख में बदल दिया। आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को अपने घरों से जरूरी सामान तक निकालने का मौका नहीं मिला। देखते ही देखते एक सैलून की गुमटी सहित चार रिहायशी झोपड़ियां धू-धू कर जल उठीं और पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई।
अग्निकांड में लक्ष्मण ठाकुर, राम जियावन ठाकुर और बजरंगी ठाकुर सहित चार परिवारों के आशियाने पूरी तरह जल गए। झोपड़ियों में रखा अनाज, कपड़े, बिस्तर, बर्तन, फर्नीचर, जरूरी दस्तावेज और गृहस्थी का अन्य सामान आग की भेंट चढ़ गया। आग बुझने के बाद प्रभावित परिवारों के सामने सिर्फ राख का ढेर बचा था। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। बाल्टियों, हैंडपंप और अन्य उपलब्ध संसाधनों की मदद से घंटों मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते आग पर नियंत्रण नहीं पाया जाता तो आसपास के कई अन्य मकान भी इसकी चपेट में आ सकते थे।
बेटी की शादी के सपनों पर फिरा पानी
इस अग्निकांड ने सबसे बड़ा दर्द लक्ष्मण ठाकुर के परिवार को दिया। उनकी पुत्री गुड़िया की शादी आगामी नवंबर माह में तय है। विवाह के लिए वर्षों की मेहनत से जुटाए गए कपड़े, बर्तन, गृहस्थी का सामान और अन्य आवश्यक सामग्री आग में पूरी तरह जलकर नष्ट हो गई। जिस घर में कुछ महीनों बाद शहनाई गूंजनी थी, वहां अब राख और टूटे सपनों का मंजर है। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता, राहत सामग्री और पुनर्वास उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि गरीब परिवारों के सामने अब रहने और जीवनयापन का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। समय पर सरकारी मदद नहीं मिली तो इन परिवारों के लिए सामान्य जीवन में लौटना बेहद मुश्किल होगा।

