बलिया : 'शराब नहीं, शिक्षा का माहौल चाहिए': मंगलपुरा में शराब की दुकान के खिलाफ ग्रामीणों का उग्र प्रदर्शन
- सैकड़ों ग्रामीणों ने तहसील तक निकाला मार्च, एसडीएम ने आबकारी विभाग को लगाई फटकार; लोकेशन की समीक्षा के दिए निर्देश
बांसडीह (बलिया): कोतवाली क्षेत्र के मंगलपुरा गांव में नव आवंटित शराब की दुकान को लेकर शनिवार को महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने शराब की दुकान हटाने की मांग को लेकर अंबेडकर तिराहे से तहसील तक पैदल मार्च निकाला और प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों के हाथों में तख्तियां और बैनर थे, जिन पर "शराब नहीं, शिक्षा का माहौल चाहिए" और "गांव बचाओ, शराब की दुकान हटाओ" जैसे नारे लिखे थे। ग्रामीणों का कहना है कि मुख्य चौराहे पर शराब की दुकान खुलने के बाद से सुबह से देर शाम तक असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगने लगा है, जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
महिलाओं और छात्राओं का घर से निकलना मुश्किल हो गया है तथा अभिभावकों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
प्रदर्शन की सूचना मिलते ही उपजिलाधिकारी अभिषेक प्रियदर्शी ने ग्रामीण प्रतिनिधियों को वार्ता के लिए बुलाया। वार्ता के दौरान ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं विस्तार से रखीं। एसडीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आबकारी विभाग के अधिकारियों से जवाब-तलब किया और स्पष्ट कहा कि राजस्व से बढ़कर नागरिकों की सुरक्षा और सामाजिक वातावरण है। एसडीएम ने आबकारी निरीक्षक को शराब की दुकान की लोकेशन की तत्काल समीक्षा करने तथा ग्रामीणों की आपत्तियों और सहमति को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जनहित से जुड़ी शिकायतों की अनदेखी नहीं की जाएगी।प्रशासन के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने फिलहाल अपना धरना स्थगित कर दिया, लेकिन चेतावनी दी कि यदि शराब की दुकान को अन्यत्र स्थानांतरित नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक एवं उग्र रूप दिया जाएगा।


