बलिया : दो सप्ताह से बंद रुद्र भारत गैस एजेंसी, 15 हजार उपभोक्ता परेशान
- ऑनलाइन भुगतान के बाद भी न सिलेंडर मिला, न वापस हुआ पैसा
बांसडीह, बलिया। स्थानीय नगर क्षेत्र में गैस सिलेंडर की आपूर्ति करने वाली रुद्र भारत गैस एजेंसी करीब दो सप्ताह से बंद पड़ी है। एजेंसी का कार्यालय नहीं खुल रहा है और न ही गोदाम से गैस सिलेंडरों का वितरण हो रहा है। इससे हजारों उपभोक्ताओं के सामने रसोई गैस का संकट खड़ा हो गया है। सबसे अधिक परेशानी उन उपभोक्ताओं को हो रही है, जिन्होंने महीनों पहले ऑनलाइन बुकिंग के साथ भुगतान भी कर दिया, लेकिन उन्हें न तो गैस सिलेंडर मिला और न ही उनकी धनराशि वापस की गई।
बताया जा रहा है कि बीते 24 मार्च को एजेंसी पर 1015 गैस सिलेंडरों की कथित कालाबाजारी का मामला सामने आया था। इस प्रकरण में जिलाधिकारी के निर्देश पर मुकदमा भी दर्ज कराया गया था। अब एजेंसी के अचानक बंद होने से उपभोक्ताओं की चिंता और बढ़ गई है। उपभोक्ताओं ने जिला प्रशासन और गैस कंपनी से एजेंसी के संचालन अथवा वैकल्पिक व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से सुचारु कराने तथा ऑनलाइन भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं की धनराशि वापस दिलाने की मांग की है।
मामले में एरिया सेल्स मैनेजर ने क्या कहा ?
इस संबंध में भारत पेट्रोलियम के एरिया सेल्स मैनेजर निहाल पांडेय ने बताया कि कंपनी और रुद्र भारत गैस एजेंसी के बीच वित्तीय लेनदेन को लेकर विवाद है। इसी की कारण कंपनी की ओर से एजेंसी को गैस सिलेंडरों की आपूर्ति फिलहाल रोक दी गई है। उन्होंने बताया कि एजेंसी के करीब 15 हजार उपभोक्ताओं के कनेक्शन बलिया स्थित नीलम गैस एजेंसी समेत अन्य एजेंसियों को स्थानांतरित प्रक्रियाधीन है। उपभोक्ताओं की परेशानी को देखते हुए वैकल्पिक एजेंसियों के माध्यम से गैस वितरण की व्यवस्था कराई जा रही है।
निहाल पांडेय ने बताया कि जिन उपभोक्ताओं ने ऑनलाइन भुगतान किया है, उनकी धनराशि वापस करने के लिए रुद्र भारत गैस एजेंसी के संचालक को निर्देशित किया गया है। हालांकि, कई उपभोक्ताओं का कहना है कि उन्हें अभी तक न तो सिलेंडर मिला है और न ही भुगतान वापस किया गया है।
क्या बोले ARO?
सहायक क्षेत्रीय अधिकारी (पेट्रोलियम) राजेश मिश्रा ने कहा कि बिना अनुमति गैस एजेंसी बंद रखने के मामले में संबंधित एजेंसी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बताया कि कम्पनी और गैस एजेंसी के वित्तीय लेनदेन से हो रही उपभोक्ताओं की परेशानियों को देखते हुए उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए विभाग स्तर से आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। ऑनलाइन पेमेंट करने वाले उपभोक्ताओं को पैसे वापसी के लिए गैस एजेंसी संचालक को निर्देशित किया गया है।
ऑनलाइन भुगतान के बाद भी महीनों से इंतजार
कस्बा निवासी 85 वर्षीय सावित्री देवी ने 20 अप्रैल को गैस सिलेंडर के लिए ऑनलाइन भुगतान किया था। उनका कहना है कि ढाई महीने से अधिक समय बीतने के बाद भी उन्हें न सिलेंडर मिला और न ही भुगतान वापस किया गया।
वहीं, संजय कुमार गुप्ता,राजकुमारी देवी,पवन कुमार सहित अन्य ने ऑनलाइन भुगतान कर गैस सिलेंडर बुक कराया था। उनका आरोप है कि करीब दो महीने होने को हैं, लेकिन एजेंसी की ओर से न तो गैस सिलेंडर दिया गया और न ही उनकी धनराशि लौटाई गई।
1015 भरे सिलेंडर गायब मिलने पर दर्ज हुआ था मुकदमा
बांसडीह (बलिया)। रुद्र भारत गैस सर्विस पर इससे पहले भी बड़े स्तर पर गैस सिलेंडरों की कथित कालाबाजारी का मामला सामने आ चुका है। जिलाधिकारी के निर्देश पर हुई जांच में एजेंसी के ऑनलाइन स्टॉक में 1015 भरे घरेलू और 55 खाली सिलेंडर दर्ज मिले थे, जबकि गोदाम पर एक भी भरा सिलेंडर नहीं पाया गया। मौके पर 635 खाली सिलेंडर मिले थे।
जांच टीम के अनुसार, स्टॉक में दर्ज 1015 भरे सिलेंडरों का कोई संतोषजनक हिसाब एजेंसी प्रबंधन नहीं दे सका और न ही बिक्री रजिस्टर प्रस्तुत किया गया। उपभोक्ताओं ने भी मोबाइल पर डिलीवरी के संदेश आने के बावजूद सिलेंडर न मिलने की शिकायत की थी। मामले में एजेंसी मैनेजर राजीव कुमार पांडेय के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए गए थे।
