सर्पदंश से महिला की मौत, झाड़-फूंक के चक्कर में गंवाया कीमती समय
बांसडीह (बलिया)। स्थानीय कोतवाली क्षेत्र के बहपूजवा पिंडहारा गांव में शनिवार सुबह सर्पदंश से एक महिला की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया।
जानकारी के अनुसार, गांव निवासी चंद्रिका राजभर की पत्नी बसमतिया देवी (55) सुबह करीब पांच बजे नींद से उठने के बाद घर के बाहर निकली थीं। दरवाजे के पास रखे बालू के ढेर के समीप पहुंचते ही किसी जहरीले सर्प या विषैले जंतु ने उन्हें काट लिया। परिजनों ने पहले उन्हें बांसडीह रोड क्षेत्र स्थित अमावा में सती मईया स्थान पर झाड़-फूंक के लिए ले गए, लेकिन हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। इसके बाद उन्हें तत्काल जिला अस्पताल, बलिया ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।घटना के बाद परिवार में शोक की लहर दौड़ गई।मृतक महिला के तीन पुत्रियां और चार पुत्र है।
समय पर इलाज ही बचा सकता है जान
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक या अंधविश्वास के बजाय पीड़ित को बिना समय गंवाए नजदीकी सरकारी अस्पताल या ऐसे चिकित्सा केंद्र ले जाना चाहिए जहां एंटी-स्नेक वेनम (ASV) उपलब्ध हो। समय पर उपचार मिलने से अधिकांश मामलों में मरीज की जान बचाई जा सकती है।
