बलिया : गर्भवती महिला पर सिपाही की बर्बरता का वीडियो सोसल मिडिया पर वायरल, पीड़िता न्याय के लिए एसपी से लगाई गुहार - Ballia Breaking
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    बलिया : गर्भवती महिला पर सिपाही की बर्बरता का वीडियो सोसल मिडिया पर वायरल, पीड़िता न्याय के लिए एसपी से लगाई गुहार

     



    • बांसडीह कोतवाली क्षेत्र की घटना से मचा हड़कंप
    • महिला ने एसपी से लगाई न्याय की गुहार
    • वायरल सीसीटीवी फुटेज ने पुलिस की कार्यशैली पर खड़े किए सवाल


    बांसडीह (बलिया): स्थानीय कोतवाली क्षेत्र से पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े करने वाला एक चौंकाने वाला सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। वायरल वीडियो में एक सिपाही एक महिला को हाथ-पैर से बेरहमी से पीटता दिखाई दे रहा है। बताया जा रहा है कि यह घटना 13 अप्रैल की है, जब जमीन विवाद की सूचना पर डायल 112 पुलिस मौके पर पहुंची थी। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद इलाके में आक्रोश है और पुलिस प्रशासन की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, बांसडीह कोतवाली क्षेत्र के सारंगपुर निवासी पूजा पटेल पुत्री रविंद्र पटेल ने 15 अप्रैल को पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई। पीड़िता के अनुसार मौजा खरौनी स्थित आराजी नंबर 45 सं0 को लेकर सिविल कोर्ट बलिया में मुकदमा विचाराधीन है। आरोप है कि इसी विवादित भूमि पर विपक्षी पक्ष जबरन निर्माण कार्य (खोप डालने) में लगा था। विरोध की आशंका को देखते हुए पीड़िता ने स्वयं डायल 112 को सूचना दी थी।


    मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाकर शांति व्यवस्था बनाए रखने की बात कही और वापस चली गई। लेकिन पीड़िता का आरोप है कि इसके बाद विपक्षी पक्ष ने पुलिस से मिलीभगत कर दोबारा निर्माण शुरू करा दिया। आरोप यह भी है कि पुलिस ने ‘सुविधा शुल्क’ लेकर निर्माण कार्य में सहयोग किया और पूर्व नियोजित योजना के तहत उनके चाचा राजेंद्र पटेल को पकड़कर थाने ले गई।


    पीड़िता ने अपने प्रार्थना पत्र में बताया कि जब पुलिस उनके चाचा को पकड़कर ले जा रही थी, तब वह हाथ जोड़कर उनसे गुहार लगाती रही कि उनके चाचा निर्दोष हैं, लेकिन पुलिस ने उनकी एक न सुनी। वायरल सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि बांसडीह थाने में तैनात सिपाही सुजीत कुमार महिला को हाथ और पैर से मार रहा है। महिला का आरोप है कि पुलिसकर्मी ने उसके साथ गाली-गलौज भी की। घटना के समय पीड़िता गर्भवती थी। उसका कहना है कि मारपीट के बाद उसने थाने पहुंचकर कोतवाल से अपना मेडिकल परीक्षण कराने की मांग की ताकि जच्चा-बच्चा की स्थिति का पता चल सके, लेकिन कोतवाली पुलिस ने उसकी मांग ठुकरा दी और अपमानित कर थाने से भगा दिया। पीड़िता का आरोप है कि यह पूरी कार्रवाई विपक्षी पक्ष के लोगों की मौजूदगी में हुई और सीसीटीवी फुटेज में पूरा घटनाक्रम साफ दिखाई दे रहा है। महिला ने आरोप लगाया कि उसके चाचा राजेंद्र पटेल को थाने में बंद कर पीटा गया और एकतरफा कार्रवाई करते हुए उनका चालान कर दिया गया। इस पूरे मामले में पुलिस प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि आरोप सही साबित होते हैं तो यह मामला पुलिस की संवेदनहीनता ही नहीं बल्कि पुलिसिया प्रभाव के दुरुपयोग का भी उदाहरण माना जाएगा।

    पुलिस की कार्यवाही पर सवालिया निशान

    एक गर्भवती महिला के साथ खुलेआम मारपीट का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस विभाग की छवि पर बड़ा सवालिया निशान लग गया है। स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर भारी नाराजगी है और लोग दोषी पुलिसकर्मी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

    पुलिस अधीक्षक की कार्यवाही पर सबकी निगाहें

    वायरल वीडियो प्रकरण में अब निगाहें पुलिस अधीक्षक की कार्रवाई पर टिकी हैं। पीड़िता ने दोषी सिपाही सुजीत कुमार के विरुद्ध निष्पक्ष जांच कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि आम जनता की सुरक्षा के लिए बनी पुलिस व्यवस्था कहीं भय और उत्पीड़न का माध्यम तो नहीं बनती जा रही।