बलिया में अवैध साइलेंसर व प्रेशर हॉर्न पर सख्ती, आरसी निलंबन तक की कार्रवाई तय
बलिया। जनपद में ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के खिलाफ परिवहन विभाग ने कड़ा रुख अपनाते हुए व्यापक कार्रवाई के संकेत दिए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि वाहनों में मॉडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न और हूटर का प्रयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है और नियमों के उल्लंघन पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी अरुण कुमार राय की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में वाहन डीलरों, मोटर गैराज और वर्कशॉप संचालकों को निर्देशित किया गया कि वे किसी भी प्रकार के अवैध उपकरणों की बिक्री या फिटिंग से दूर रहें। अधिकारियों ने कहा कि ऐसे कृत्य न केवल कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि आमजन के स्वास्थ्य और सड़क सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करते हैं।
परिवहन विभाग के अनुसार, मोटरयान अधिनियम, 1988 के तहत अवैध मॉडिफिकेशन करने वाले गैराज संचालकों पर धारा 182A(3) के अंतर्गत प्रति मामले एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। वहीं, वाहन स्वामी द्वारा नियमों के विपरीत बदलाव करने पर धारा 182A(4) के तहत छह माह तक की सजा या जुर्माना अथवा दोनों का प्रावधान है।इसके अलावा, ध्वनि या वायु प्रदूषण मानकों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के संचालन पर धारा 190(2) के तहत तीन माह तक की सजा, दस हजार रुपये तक जुर्माना तथा ड्राइविंग लाइसेंस के निलंबन की कार्रवाई की जा सकती है।
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन वाहनों में अवैध साइलेंसर या अन्य प्रतिबंधित उपकरण पाए जाएंगे, उनके खिलाफ चालान के साथ-साथ पंजीयन प्रमाण पत्र (RC) को धारा 53(1) के तहत निलंबित करने की प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी। परिवहन विभाग ने वाहन स्वामियों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और किसी भी प्रकार के अवैध मॉडिफिकेशन से बचें, अन्यथा सख्त कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
