कोतवाल की पहल से थाने में खत्म हुआ पट्टीदारों का विवाद, गले मिलकर लौटे दोनों परिवार
बांसडीह, बलिया। कोतवाली क्षेत्र के हुसेनाबाद गांव में मामूली बात को लेकर दो पट्टीदार परिवारों के बीच हुआ विवाद थाने तक पहुंच गया, लेकिन कोतवाल राकेश कुमार सिंह की सूझबूझ और मानवीय पहल से मामला मुकदमेबाजी तक पहुंचने से पहले ही सुलझ गया। कोतवाली परिसर में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे को गले लगाकर विवाद समाप्त किया, जिसकी क्षेत्र में खूब चर्चा हो रही है।
जानकारी के अनुसार मंगलवार की शाम हुसेनाबाद गांव निवासी मंजू देवी पत्नी मुन्ना राम और उनकी पट्टीदार फूलमती देवी पत्नी शिवमंगल राम के बीच सरकारी नल पर बच्चों द्वारा पानी भरने को लेकर कहासुनी हो गई। देखते ही देखते मामूली विवाद ने तूल पकड़ लिया और दोनों पक्ष कानूनी कार्रवाई की मांग को लेकर कोतवाली पहुंच गए। दोनों ने एक-दूसरे के खिलाफ तहरीर भी दे दी।
मामले की गंभीरता को समझते हुए कोतवाल राकेश कुमार सिंह ने दोनों पक्षों को शांतिपूर्वक बैठाकर पूरे विवाद को समझा। बातचीत में सामने आया कि एक पक्ष के बच्चे नल पर नहा रहे थे, जबकि दूसरे पक्ष की एक बालिका शौच के लिए प्लास्टिक की बोतल में पानी भरने पहुंची थी, इसी बात को लेकर विवाद हो गया।
कोतवाल ने बताया कि दोनों परिवार आर्थिक रूप से कमजोर और मेहनतकश हैं। मामूली विवाद को मुकदमेबाजी में बदलना किसी के हित में नहीं था। काफी समझाने-बुझाने के बाद दोनों पक्ष आपसी समझौते के लिए तैयार हो गए और कोतवाली परिसर में ही एक-दूसरे को गले लगाकर अच्छे पड़ोसी की तरह रहने का संकल्प लिया। बाद में दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी तहरीर भी वापस ले ली।कोतवाल राकेश कुमार सिंह की इस मानवीय कार्यशैली की क्षेत्र में सराहना हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस का ऐसा संवेदनशील चेहरा समाज में आपसी सौहार्द बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वहीं दोनों परिवारों ने भी कोतवाल का आभार व्यक्त किया।
