बलिया : पति ने पत्नी पर पिस्टल से झोंका फायर, मायके वालों की बहादुरी से टली बड़ी वारदात; आरोपी गिरफ्तार
बांसडीह (बलिया)। कोतवाली क्षेत्र के छोटकी सेरिया गांव में गुरुवार को एक सनसनीखेज घटना में मायके में रह रही महिला पर उसके पति ने अवैध पिस्टल से जानलेवा हमला कर दिया। हालांकि निशाना चूक जाने से महिला बाल-बाल बच गई। इसके बाद महिला और उसके परिजनों ने साहस का परिचय देते हुए आरोपी को मौके पर ही दबोच लिया तथा उसके हाथ से पिस्टल और फायर किया गया खोखा कारतूस छीन लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ हत्या के प्रयास एवं आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर न्यायालय भेज दिया।
पुलिस के अनुसार फेफना थाना क्षेत्र के अगरसंडा निवासी धर्मात्मानंद सिंह (36) की पत्नी रूबी देवी वर्तमान में अपने बच्चों की पढ़ाई और परवरिश के लिए अपने मायके छोटकी सेरिया में रह रही हैं। पति-पत्नी के बीच पहले से चल रहे मुकदमे और संपत्ति संबंधी विवाद को लेकर धर्मात्मानंद लगातार समझौते का दबाव बना रहा था।
बताया गया कि गुरुवार अपराह्न करीब साढ़े तीन बजे धर्मात्मानंद अपनी ससुराल पहुंचा और गाली-गलौज करने लगा। विरोध करने पर उसने जान से मारने की नीयत से रूबी देवी पर अवैध पिस्टल से फायर कर दिया। गोली निशाने से चूक गई, जिससे महिला की जान बच गई।
घटना के तुरंत बाद रूबी देवी ने डायल-112 पर सूचना दी। इसी बीच उनके पिता शिवजी सिंह मौके पर पहुंच गए। पिता-पुत्री और अन्य परिजनों ने हिम्मत दिखाते हुए आरोपी को पकड़ लिया तथा उसके हाथ से पिस्टल और खोखा कारतूस छीन लिया। मौके पर पहुंची पीआरवी पुलिस आरोपी, बरामद पिस्टल और कारतूस को लेकर कोतवाली बांसडीह पहुंची।
पीड़िता की तहरीर के आधार पर पुलिस ने मु.अ.सं. 235/2026 में धारा 109(1), 352 बीएनएस तथा 3/25 आयुध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया। विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायालय भेज दिया गया।
प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार सिंह ने बताया कि पति-पत्नी के बीच संपत्ति और पुराने मुकदमों को लेकर विवाद चल रहा है। प्रथम दृष्टया आरोपी द्वारा जान से मारने की नीयत से फायरिंग किए जाने के साक्ष्य मिले हैं। मामले में हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।
गिरफ्तारी करने वाली टीम पीआरवी-6226 के हेड कांस्टेबल मोहनलाल, कांस्टेबल गिरजा शंकर यादव तथा कांस्टेबल आलोक यादव ने आरोपी को गिरफ्तार कर आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी की।
