बलिया : APK फाइल खोलते ही हैक हुआ WhatsApp, परिचितों से मांगे पैसे; 12,300 रुपये की ठगी
बांसडीह, बलिया। साइबर अपराधों के प्रति लगातार चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों के बावजूद साइबर ठग नए-नए तरीकों से लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। बांसडीह कस्बे के वार्ड नंबर पांच निवासी व्यवसायी भोला गुप्ता के साथ ऐसा ही मामला सामने आया है। ठगों ने व्हाट्सएप पर भेजी गई एक संदिग्ध APK फाइल खुलवाकर उनका व्हाट्सएप अकाउंट अपने नियंत्रण में ले लिया और उनके परिचितों को घायल होने की तस्वीर भेजकर इलाज के नाम पर 12,300 रुपये की ठगी कर ली।
पीड़ित भोला गुप्ता ने बताया कि मंगलवार देर रात उनके मोबाइल पर ‘पीएम आवास लिस्ट’ के नाम से एक APK फाइल भेजी गई थी। उन्होंने जैसे ही फाइल को खोला, कुछ देर बाद उनका व्हाट्सएप बंद हो गया। बाद में पता चला कि साइबर अपराधियों ने उनके व्हाट्सएप अकाउंट पर नियंत्रण कर लिया है।
ठगों ने उनके व्हाट्सएप से परिचितों को हथेली में टांके लगे होने की तस्वीर भेजी और डॉक्टर को दिखाने के नाम पर तत्काल रुपये भेजने की अपील की। इसके बाद साइबर अपराधियों ने व्हाट्सएप पर स्कैनर भेजकर अलग-अलग लोगों से रकम अपने खाते में ट्रांसफर करा ली। पीड़ित के अनुसार, ओमप्रकाश गुप्ता से 3,800 रुपये, प्रशांत कुमार से 2,000 रुपये, ओंकारनाथ मिश्रा से 2,000 रुपये, राजू माली से 500 रुपये, पंकज सिंह से 2,000 रुपये और रामप्रवेश से 2,000 रुपये की ठगी की गई। इस तरह साइबर ठगों ने कुल 12,300 रुपये हड़प लिए। घटना की जानकारी होने के बाद पीड़ित ने पुलिस को तहरीर देकर साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
सावधान रहें, एक क्लिक पड़ सकता है भारी
साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, अनजान नंबर से आने वाली APK फाइल, संदिग्ध लिंक या किसी भी अनजान एप्लीकेशन को डाउनलोड अथवा ओपन नहीं करना चाहिए। ऐसी फाइलों के जरिए मोबाइल और सोशल मीडिया अकाउंट पर साइबर अपराधियों का नियंत्रण हो सकता है। इसके बाद ठग बैंकिंग जानकारी, निजी डेटा और परिचितों से पैसे मांगकर बड़ी ठगी को अंजाम दे सकते हैं।
साइबर सुरक्षा का मंत्र
अनजान लिंक और APK फाइल से दूरी ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।
