बलिया :दो दिन से बंद नहीं हो रहा पर्वतपुर रेगुलेटर का एक गेट, बाढ़ का खतरा बढ़ा - Ballia Breaking

  • Ballia Breaking

    बलिया :दो दिन से बंद नहीं हो रहा पर्वतपुर रेगुलेटर का एक गेट, बाढ़ का खतरा बढ़ा

     


    जेसीबी के दबाव से तीन गेट बंद, चौथा अब भी खुला; ग्रामीणों ने प्रशासन को दी सूचना

    बांसडीह (बलिया)। सरयू (घाघरा) नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने के बीच बांसडीह क्षेत्र के जयनगर-पर्वतपुर स्थित रेगुलेटर का गेट समय से बंद नहीं हो पाने से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। पिछले दो दिनों से रेगुलेटर का एक गेट पूरी तरह बंद नहीं हो सका है और उससे पानी आबादी एवं कृषि क्षेत्रों की ओर रिसाव कर रहा है।


    Read Also -बलिया:बांसडीह में चोरों का आतंक जारी, लगातार हो रही घटनाओं से बढ़ी चिंता


    बुधवार देर रात पानी का बहाव तेज होने और रेगुलेटर से पानी निकलने की जानकारी मिलने पर स्थानीय ग्रामीणों ने इसकी सूचना उप जिलाधिकारी बांसडीह को दी। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों और ग्रामीणों की मौजूदगी में रेगुलेटर का गेट बंद कराने का प्रयास शुरू किया गया। काफी मशक्कत और जेसीबी के दबाव के बाद चार गेटों में से तीन को बंद कर दिया गया, जबकि एक गेट अभी भी थोड़ा खुला हुआ है। उसे बंद करने के लिए मौके पर बालू की बोरियां, बांस-बल्लियां तथा अन्य सामग्री लगाकर पानी के बहाव को नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है।


    स्थानीय लोगों का आरोप है कि रेगुलेटर के गेटों की समय रहते मरम्मत और नियमित देखरेख नहीं होने के कारण यह स्थिति पैदा हुई है। ग्रामीणों का सवाल है कि यदि बाढ़ के दौरान किसी कारण से रेगुलेटर का गेट खोला गया था तो बढ़ते जलस्तर के बीच उसे समय से बंद क्यों नहीं किया गया। हालांकि इस संबंध में वास्तविक स्थिति और गेट के संचालन का निर्णय किस स्तर से लिया गया, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।


    पर्वतपुर रेगुलेटर बाढ़ नियंत्रण की दृष्टि से महत्वपूर्ण जल संरचना है। जिला प्रशासन की आधिकारिक संपर्क निर्देशिका में बाढ़ खंड के अधीक्षण अभियंता और अधिशासी अभियंता के पद दर्ज हैं, वहीं बांसडीह एसडीएम का संपर्क विवरण भी उपलब्ध है।

    ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते रेगुलेटर के गेट को पूरी तरह बंद नहीं किया गया तो आसपास के कृषि क्षेत्र और आबादी में पानी पहुंचने से भारी नुकसान हो सकता है। फिलहाल स्थानीय लोगों की मदद से पानी के बहाव को रोकने का प्रयास जारी है। प्रशासन और सिंचाई विभाग से ग्रामीणों ने रेगुलेटर की तकनीकी स्थिति की तत्काल जांच कराने तथा स्थायी समाधान की मांग की है।

    रेगुलेटर की खराब स्थिति पर उठे सवाल

    घाघरा नदी में पानी बढ़ने के कारण जयनगर-पर्वतपुर पुल के आसपास कृषि एवं ग्रामीण क्षेत्रों में भी पानी बढ़ने लगा है। इससे बांसडीह विधानसभा क्षेत्र के कई गांवों में जनजीवन प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। स्थानीय लोगों के सहयोग से रेगुलेटर के फाटकों को बंद करने का प्रयास किया जा रहा है।

    छात्र नेता प्रवीण कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक लापरवाही के कारण यह संकट गंभीर नुकसान का कारण बन सकता है। उन्होंने तत्काल संबंधित विभाग से संज्ञान लेकर ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।