बलिया: बांसडीह में जमीन विवाद ने लिया हिंसक रूप, मारपीट के आरोप में दूसरे पक्ष की तहरीर पर भी मुकदमा दर्ज
- अवैध कब्जे का विरोध करने पर लाठी-डंडे और रॉड से हमला करने का आरोप
- पुलिस दोनों पक्षों की शिकायतों की कर रही जांच
बांसडीह (बलिया)। तहसील क्षेत्र में जमीन विवाद को लेकर हुए मारपीट के मामले में अब दूसरे पक्ष की तहरीर पर भी पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। शिकायतकर्ता अशोक कुमार मिश्र ने विपक्षियों पर अवैध कब्जे का प्रयास, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 115(2), 351(3) समेत अन्य सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है।
पुलिस को दी गई तहरीर में अशोक कुमार मिश्र ने बताया कि आराजी संख्या 2083 की भूमि पर उनका और उनके पट्टीदारों का सहखातेदारी अधिकार है तथा भूमि का मौखिक बंटवारा पहले ही हो चुका है। आरोप है कि 17 जुलाई की रात करीब 8:30 बजे उन्हें सूचना मिली कि पवन मिश्र, राकेश मिश्र, अंबिका प्रसाद मिश्र और अशोक पाण्डेय उनकी भूमि पर अवैध कब्जे की नीयत से दीवार और पिलर का निर्माण करा रहे हैं।
शिकायतकर्ता के अनुसार, वह अपने भाई अरुण मिश्र के साथ मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य का विरोध किया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच विवाद हो गया। स्थिति बिगड़ती देख डायल-112 पर सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत कराया और वापस लौट गई।
आरोप है कि पुलिस के जाने के कुछ देर बाद अभिषेक मिश्र उर्फ मिंटू और अंजनी मिश्र भी मौके पर पहुंच गए और लाठी-डंडों तथा लोहे की रॉड से हमला कर दिया। इस हमले में अशोक कुमार मिश्र के सीने और पैर में, जबकि उनके भाई पदुमदेव मिश्र के सिर में चोटें आईं।
तहरीर में यह भी आरोप लगाया गया है कि बीच-बचाव करने पहुंचे सत्यजीत पाण्डेय के साथ भी मारपीट की गई। शोर-शराबा सुनकर प्रताप पुंज पाण्डेय समेत अन्य स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे, जिसके बाद आरोपित जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से फरार हो गए।
पुलिस ने शिकायतकर्ता की तहरीर के आधार पर बीएनएस की धारा 115(2) और 351(3) समेत अन्य सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना की जा रही है और जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
