बलिया : नाबालिग छात्रा की फोटो से AI वीडियो बनाने का आरोप, फर्जी इंस्टाग्राम आईडी से प्रसारित करने की शिकायत
बांसडीह (बलिया)। कोतवाली क्षेत्र में 17 वर्षीय नाबालिग छात्रा की तस्वीर का कथित रूप से दुरुपयोग कर एआई तकनीक से आपत्तिजनक वीडियो तैयार करने और सोशल मीडिया पर प्रसारित करने का मामला सामने आया है। छात्रा के पिता ने पुलिस को तहरीर देकर बांसडीह कस्बे के एक युवक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले में पुलिस ने अभियोग पंजीकृत करने के निर्देश दिए हैं और जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में छात्रा के पिता ने आरोप लगाया है कि आरोपी युवक और उनकी बेटी पहले एक ही विद्यालय में पढ़ते थे। पिता का दावा है कि विद्यालय में अनुशासनहीनता के चलते युवक को स्कूल से निकाल दिया गया था, जिसके बाद से वह परिवार से रंजिश रखने लगा।
आरोप है कि युवक ने पहले छात्रा के सोशल मीडिया अकाउंट की तस्वीरों का स्क्रीनशॉट लेकर उसके नाम और तस्वीर से मिलती-जुलती फर्जी इंस्टाग्राम आईडी तैयार की। इसके बाद छात्रा की तस्वीरों का कथित तौर पर एआई तकनीक से दुरुपयोग कर आपत्तिजनक वीडियो तैयार किया गया और उसे छात्रा के स्कूल के विद्यार्थियों, परिचितों और रिश्तेदारों तक भेजा गया।
परिजनों का आरोप है कि इससे पहले भी छात्रा और उसकी मां की तस्वीरों का इस्तेमाल कर अलग-अलग फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाए गए थे। परिवार द्वारा विरोध करने पर आरोपी की ओर से कथित तौर पर धमकी दी गई कि वीडियो को और प्रसारित किया जाएगा तथा परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। इससे परिवार में भय और तनाव का माहौल है। पीड़ित पिता ने पुलिस को दी तहरीर के साथ कथित फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट के स्क्रीनशॉट तथा छात्रा के नाबालिग होने के प्रमाण के तौर पर शैक्षिक अभिलेख भी उपलब्ध कराए हैं। उन्होंने मामले की जांच कर आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
मामला सामने आने के बाद नाबालिगों की तस्वीरों के दुरुपयोग, फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट और एआई तकनीक के गलत इस्तेमाल को लेकर सवाल उठने लगे हैं। साइबर अपराध से जुड़े मामलों में विशेषज्ञों की ओर से भी सोशल मीडिया पर बच्चों की तस्वीरों और व्यक्तिगत जानकारी साझा करने में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार सिंह ने बताया कि प्रकरण में अभियोग पंजीकृत करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


