बलिया : अतिक्रमण से कराह रहा बांसडीह बाजार, दोपहर में जाम से जूझ रहे लोग
फोटो - सड़क पर समोसा बेचता दुकानदार
- सड़क पर ठेलियां और दुकानों का सामान, बैंक-एलआईसी के बाहर बेतरतीब खड़े वाहन बढ़ा रहे परेशानी
- कोतवाली से चौराहे तक सड़क के दोनों तरफ लग रहे है बेतरतीब फल,फास्टफूड,के ठेले
- राहगीरो की शिकायत करने पर झगड़ा फसाद पर उतारूं हो रहे है दुकानदार
बांसडीह (बलिया)। नगर पंचायत बांसडीह में अतिक्रमण की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। कोतवाली से बड़ी बाजार जाने वाला मार्ग हो या कस्बे की हृदयस्थली चौरहट्टा, प्रमुख मार्गों पर दुकानदारों द्वारा सड़क तक सामान फैलाने और ठेलियां लगाने से आवागमन प्रभावित हो रहा है। दोपहर 12 से शाम पांच बजे के बीच स्थिति और विकट हो जाती है। इस दौरान कस्बे में प्रवेश करने या बाजार से बाहर निकलने वाले लोगों को जाम से जूझना पड़ रहा है।
कोतवाली से बड़ी बाजार मार्ग पर कई दुकानदार सड़क की पटरी और सड़क के हिस्से तक समोसे की ठेलियां समेत अन्य सामान लगा देते हैं। इससे सड़क की चौड़ाई कम हो जाती है। वहीं भारतीय स्टेट बैंक और एलआईसी कार्यालय के आसपास ग्राहकों की बाइक सड़क पर बेतरतीब खड़ी होने से भी यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है। वाहनों के आवागमन के लिए कम जगह बचने के कारण थोड़ी देर में ही जाम की स्थिति बन जाती है।
चौरहट्टा में पैदल चलना भी मुश्किल
कस्बे के चौरहट्टा इलाके में अतिक्रमण की स्थिति और गंभीर है। व्यापारियों द्वारा दुकानों का सामान सड़क तक निकालकर बिक्री किए जाने के कारण कई जगह पैदल चलने तक की जगह नहीं बचती। ऐसे में सामने से बाइक या अन्य वाहन आने पर लोगों को निकलने में परेशानी होती है। कई बार मामूली बात को लेकर वाहन चालकों और दुकानदारों अथवा राहगीरों के बीच तू-तू, मैं-मैं की स्थिति भी बन जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अतिक्रमण के कारण सबसे अधिक परेशानी दोपहर के समय होती है। बाजार में खरीदारी करने आने वाले लोगों के साथ-साथ मरीजों को लेकर जिला मुख्यालय जाने वाले परिवारों को भी जाम में फंसना पड़ता है।
कार्रवाई नहीं होने से बढ़ रहा अतिक्रमण
लोगों का आरोप है कि नगर पंचायत और प्रशासन की ओर से अतिक्रमण हटाने को लेकर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। यदि समय रहते सड़क से अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो आने वाले दिनों में यह समस्या किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
स्थानीय निवासियों और राहगीरों ने बताया कि दोपहर 12 से शाम पांच बजे के बीच बाजार के रास्ते जिला मुख्यालय जाना काफी मुश्किल हो जाता है। उन्होंने कहा कि परिवार में किसी व्यक्ति के बीमार होने पर उसे लेकर अस्पताल या जिला मुख्यालय जाना हो तो जाम के कारण काफी परेशानी होती है। उन्होंने नगर पंचायत और प्रशासन से सड़क को अतिक्रमण मुक्त कराने तथा यातायात व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है।


