बलिया : पिता के खाते से 1.53 लाख रुपये की निकासी का मामला थाने में सुलझा, हर माह 5 हजार देगा पुत्र - Ballia Breaking

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    बलिया : पिता के खाते से 1.53 लाख रुपये की निकासी का मामला थाने में सुलझा, हर माह 5 हजार देगा पुत्र

     

    बांसडीह में एटीएम और मोबाइल नंबर बदलने के आरोप से मचा था हड़कंप, थाना समाधान दिवस पर दोनों पक्षों में हुआ लिखित समझौता

    बांसडीह (बलिया)। कस्बे के वार्ड नंबर 14 निवासी विजय पासवान के एसबीआई खाते से 1,53,608 रुपये की कथित धोखाधड़ी कर निकासी का मामला शनिवार को पुलिस की मध्यस्थता से सुलझ गया। मामले में पिता ने अपने ही पुत्र गुलशन पासवान पर बैंककर्मियों से मिलीभगत कर खाते से रुपये निकालने का आरोप लगाया था। थाना समाधान दिवस पर दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर बातचीत कराई गई। इसके बाद आपसी सहमति से पुत्र द्वारा पिता को हर महीने पांच हजार रुपये देने पर समझौता हुआ।

    विजय पासवान का स्थानीय भारतीय स्टेट बैंक शाखा में बचत खाता है। उनका आरोप था कि उन्होंने कभी एटीएम कार्ड के लिए आवेदन नहीं किया, इसके बावजूद उनके नाम पर एटीएम कार्ड जारी कर दिया गया। तहरीर के मुताबिक, खाते में दर्ज पुराने मोबाइल नंबर को हटाकर दूसरा नंबर जोड़ दिया गया। इसके महज चार दिनों के भीतर खाते से 1,53,608 रुपये निकाल लिए गए।

    पीड़ित को मामले की जानकारी 17 अक्टूबर को तब हुई, जब वह बैंक से रुपये निकालने पहुंचे। खाते में अपेक्षा से कम रकम मिलने पर उन्होंने मिनी स्टेटमेंट निकलवाया, जिसके बाद कथित धोखाधड़ी का खुलासा हुआ।

    विजय पासवान ने आरोप लगाया था कि उनके पुत्र गुलशन पासवान ने बैंककर्मियों से मिलीभगत कर खाते में अपना मोबाइल नंबर दर्ज कराया और एटीएम के जरिए पूरी रकम निकाल ली। इस संबंध में उन्होंने बांसडीह कोतवाली में तहरीर देकर एटीएम जारी करने की प्रक्रिया, मोबाइल नंबर बदलने और खाते से हुई निकासी की निष्पक्ष जांच कराने, रकम वापस दिलाने तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।

    मामला शनिवार को आयोजित थाना समाधान दिवस में पहुंचा तो पुलिस ने दोनों पक्षों को बुलाकर बातचीत कराई। चर्चा के बाद पिता-पुत्र के बीच आपसी सहमति बनी कि पुत्र अपने पिता को हर महीने पांच हजार रुपये देगा। गवाहों की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच लिखित सुलहनामा तैयार कराया गया।

    इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार सिंह ने बताया कि मामला पुलिस के संज्ञान में था। पिता-पुत्र के बीच का विवाद होने के कारण दोनों पक्षों की आपसी सहमति और सुलहनामे के आधार पर इसका निस्तारण करा दिया गया है।