बलिया : एडीजी के निर्देश पर पारिवारिक विवाद सुलझाने की पहल, दो घंटे की बैठक बेनतीजा - Ballia Breaking

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    बलिया : एडीजी के निर्देश पर पारिवारिक विवाद सुलझाने की पहल, दो घंटे की बैठक बेनतीजा

     



    • धनजी वर्मा ने मांगे 10 लाख रुपये, पिता ने जमीन का हिस्सा देने की बात कही, रजिस्ट्री से किया इनकार; सात अक्टूबर को फिर होगी पंचायत

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    बांसडीह (बलिया)। बांसडीह क्षेत्र के वार्ड नंबर-14 निवासी धनजी वर्मा और उनके माता-पिता के बीच चल रहे पारिवारिक विवाद के समाधान को लेकर शनिवार को स्थानीय पुलिस ने एडीजी वाराणसी जोन के निर्देश पर परिवार परामर्श की पहल की। क्षेत्राधिकारी बांसडीह जयशंकर मिश्र की अध्यक्षता में स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिवक्ता और समाजसेवियों की टीम ने करीब दो घंटे तक दोनों पक्षों के बीच बातचीत कर विवाद सुलझाने का प्रयास किया, लेकिन सहमति नहीं बन सकी। बैठक को स्थगित करते हुए अगली सुनवाई के लिए सात अक्टूबर की तिथि निर्धारित की गई है। बताया गया कि शिकायतकर्ता धनजी वर्मा ने पूर्व में एडीजी वाराणसी जोन को प्रार्थना पत्र देकर अपने पिता राजगिरी वर्मा एवं मां पर मानसिक, शारीरिक और आर्थिक प्रताड़ना के आरोप लगाए थे। मामले को पारिवारिक विवाद मानते हुए एडीजी कार्यालय ने परिवार परामर्श केंद्र के माध्यम से दोनों पक्षों की काउंसिलिंग कराकर समाधान कराने तथा 14 दिनों के भीतर अनुपालन रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे।


    इसी क्रम में शनिवार को क्षेत्राधिकारी बांसडीह की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में शिकायतकर्ता पक्ष और उसके माता-पिता समेत दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर उनकी समस्याएं सुनी गईं।

    10 लाख रुपये की मांग पर नहीं बनी सहमति

    बैठक के दौरान शिकायतकर्ता धनजी वर्मा की ओर से पूर्व में परिवार को दिये गये 35 लाख रुपए में से 10 लाख रुपये स्वयं की बीमारी के इलाज ,कर्ज भरने सहित जीवन यापन के लिए व्यापार करने के लिए दिए जाने की मांग रखी गई। दूसरी ओर विपक्षी पक्ष ने आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए इतनी रकम देने में असमर्थता जताई। इसके बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों ने विवाद को पारिवारिक स्तर पर समाप्त करने के लिए संपत्ति के बंटवारे का सुझाव दिया। बांसडीह नगर पंचायत अध्यक्ष सुनील कुमार सिंह एवं वरिष्ठ अधिवक्ता जगदीप सिंह ने दोनों पक्षों से कहा कि परिवार की संपत्ति में पुत्रों के हिस्से का नियमानुसार बंटवारा कर विवाद को समाप्त किया जाए। शिकायतकर्ता पक्ष की ओर से घर में आधा तथा खेत में छठे हिस्से की मांग का मुद्दा भी सामने आया।

    पिता बोले- हिस्सा देंगे, लेकिन रजिस्ट्री नहीं करेंगे

    बैठक के दौरान शिकायतकर्ता के पिता राजगिरी वर्मा ने जमीन में हिस्सा देने की बात कही, लेकिन वह जमीन की रजिस्ट्री करने को तैयार नहीं हुए। उनका कहना था कि वह हिस्सा देंगे, लेकिन रजिस्ट्री नहीं करेंगे। इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी।

    करीब दो घंटे तक चली बैठक में जनप्रतिनिधियों, अधिवक्ताओं और समाजसेवियों ने दोनों पक्षों को समझाकर विवाद समाप्त करने का प्रयास किया, लेकिन किसी ठोस निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सका। इसके बाद बैठक स्थगित कर सात अक्टूबर को दोनों पक्षों एवं स्थानीय लोगों की मौजूदगी में पुनः विचार-विमर्श कर मामले का समाधान निकालने का निर्णय लिया गया।

    बैठक में वरिष्ठ समाजसेवी दीप्तिमान सिंह, अधिवक्ता राहुल, अधिवक्ता अनिल कुमार पांडेय, प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार सिंह, उपनिरीक्षक सौरभ श्रीवास्तव, विपक्षी राजगिरी वर्मा व उनकी पत्नी समेत अन्य लोग मौजूद रहे। अब सात अक्टूबर की बैठक में संपत्ति के हिस्से और आर्थिक मांग को लेकर दोनों पक्षों के बीच सहमति बनाने का प्रयास किया जाएगा।