बलिया : घाघरा कटान से त्रस्त महाराजपुर के ग्रामीणों का ऐलान, 2 नवंबर को पदयात्रा कर करेंगे तहसील का अनिश्चितकालीन घेराव
बांसडीह (बलिया)। घाघरा नदी के भीषण कटान से जूझ रहे महाराजपुर गांव के ग्रामीणों का आक्रोश अब आंदोलन में तब्दील होने जा रहा है। गांव और किसानों की जमीन बचाने की मांग को लेकर ग्रामीण सोमवार, 2 नवंबर को ग्राम महाराजपुर से पदयात्रा निकालकर बांसडीह तहसील मुख्यालय पहुंचेंगे और अनिश्चितकालीन घेराव करेंगे।
इस संबंध में पूर्व जिला पंचायत सदस्य नागेंद्र बहादुर सिंह 'झुन्नू' ने उपजिलाधिकारी बांसडीह को ज्ञापन सौंपकर आंदोलन की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि घाघरा नदी के लगातार कटान से किसानों की उपजाऊ भूमि और पक्के मकान नदी में समाते जा रहे हैं। स्थिति ऐसी हो गई है कि गांव के अस्तित्व पर ही संकट मंडराने लगा है। कई बार शासन-प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
सुबह 7 बजे शुरू होगी पदयात्रा
ग्रामीणों के अनुसार, 2 नवंबर को सुबह सात बजे महाराजपुर से पदयात्रा शुरू होगी, जो सहतवार होते हुए दोपहर 12 बजे तक बांसडीह तहसील मुख्यालय पहुंचेगी। ग्रामीणों ने कटान रोकने के लिए तत्काल प्रभावी एवं स्थायी उपाय करने, प्रभावित किसानों को उचित राहत और मुआवजा देने की मांग की है।आंदोलन को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन से सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था सुनिश्चित कराने की भी अपील की है। ज्ञापन की प्रतिलिपि जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक बलिया को भी भेजी गई है।
अब सवाल यह है कि गांव के अस्तित्व पर मंडराते संकट के बीच प्रशासन ग्रामीणों के आंदोलन का इंतजार करेगा या समय रहते कटान रोकने के लिए ठोस कदम उठाएगा?
